कुर्मी समाज को जनजातीय समाज के सूची में सूचीबद्ध हरगिज नहीं होने देंगे। आदिवासियों ने किया विरोध

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – झारखंड

केतार से प्रदीप चन्द्रवंशी की रिपोर्ट

केतार कुर्मी समाज द्वारा आदिवासी बनाए जाने की मांग को लेकर किए जा रहे आंदोलन के खिलाफ आदिवासी संगठनों में आक्रोश। इसके खिलाफ में अखिल भारतीय आदिवासी महासभा प्रखंड इकाई के द्वारा बीते दिनों कुर्मी समाज को आदिवासी समाज में जुड़ने को लेकर कर रेल रोका डहर छेका आंदोलन का, विभिन्न आदिवासी संगठनों से जुड़े हुए लोगों ने प्रेस कांफ्रेंस कर विरोध जताया। वहीं आदिवासी प्रखंड अध्यक्ष छोटन सिंह चेरो ने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज का हक और अधिकार को छीनने के लिए कुर्मी समाज द्वारा साजिश रची जा रही। कुर्मी जाती को जनजातीय की सूची में शामिल करने के किसी भी प्रस्ताव का आदिवासी समाज मुखर होकर विरोध करेगा। कोषाध्यक्ष शिव कुमार सिंह खरवार ने कहा कि कुर्मी समाज से हम आदिवासी समाज का किसी तरह के मेल नहीं खाता। वे आदिवासियों की जमीन, आरक्षण, नौकरी अन्य अधिकारों पर कब्जा करने के लिए अनुसूचित जनजाति की सूची में सूचीबद्ध होना चाहते हैं, जो हर स्तर से इसका विरोध किया जायेगा। पूर्व झामुमो प्रखंड अध्यक्ष कामेश्वर सिंह ने कहा कि झारखंड के आदिवासी एकजुट होकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि झारखंड में कुल 32 जनजाति हैं, और पूरे भारत में 850 हैं आदिवासी समाज ना कल झुके थे और ना ही आज अपना हक अधिकार छीनने देंगे।
मौके पर शिव कुमार सिंह खरवार, छोटन सिंह, विजय सिंह,संजय सिंह खरवार, कामेश्वर सिंह खरवार, रविशंकर सिंह खरवार, अशोक सिंह खरवार, दारा सिंह खरवार अन्य उपस्थित थे।

Leave a Comment