निर्भय चौधरी ने डीएम व खान अधिकारी को सौंपा पत्रक, खनन पट्टाधारकों पर नियमों के उल्लंघन का गंभीर आरोप

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र। कोटा निवासी निर्भय चौधरी ने जिले के बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन और ई-एमएम-11 की कालाबाजारी को लेकर जिलाधिकारी व खान अधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि क्षेत्र में संचालित कई खनन पट्टों द्वारा मानक से अधिक खनन किया जा रहा है तथा विभागीय मिलीभगत से सरकारी नियमों की अनदेखी की जा रही है।ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि बिल्ली मारकुंडी निवासी रिंकी श्रीवास्तव पत्नी सुधीर कुमार श्रीवास्तव के नाम स्वीकृत खनन पट्टा 7 अक्टूबर 2023 से 6 अक्टूबर 2033 तक वैध है। प्रतिवर्ष 44,354 घनमीटर खनन की अनुमति के बावजूद, उक्त पट्टे पर अब तक कोई वैधानिक खनन कार्य नहीं किया गया है। आरोप के अनुसार, बिना वास्तविक खनन गतिविधियों के ही उक्त पट्टे का ई-एमएम-11 अवैध खनन माफियाओं को बेच दिया गया। निर्भय चौधरी ने यह भी कहा कि यह भूमि पथरीली नहीं बल्कि कृषि योग्य है, जिस पर गलत जानकारी देकर खनन पट्टा स्वीकृत कराया गया। ज्ञापन में मांग की गई है कि इस मामले में दण्डात्मक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो।इसी तरह, दूसरे मामले में मंगला प्रसाद पुत्र लालजी निवासी बिल्ली मारकुंडी और “श्री स्टोन” नामक फर्म के विरुद्ध भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनके पास क्रमशः 6 दिसंबर 2022 से 5 दिसंबर 2023 तथा 19 अप्रैल 2025 से 18 अप्रैल 2035 तक वैध पट्टे हैं, जिनसे प्रति वर्ष 37,134 और 60,000 घनमीटर खनन की अनुमति है। शिकायत कर्ता के अनुसार, दोनों पट्टाधारकों ने अपने 10 वर्षों के स्वीकृत कोटे से अधिक पत्थर खनन पहले ही पूरा कर लिया है। साथ ही, सुरक्षा मानकों की अवहेलना करते हुए लगभग 400 फीट तक गहरी खदानें बना दी गई हैं, जो स्थानीय लोगों के लिए अत्यंत खतरनाक साबित हो रही हैं।ज्ञापन में यह भी उल्लेखित है कि हाल ही में श्री स्टोन खनन पट्टे पर मजदूरों की मौत की घटना को वाहन दुर्घटना बताकर दबाने का प्रयास किया गया। इसके अलावा, विस्फोटकों के अत्यधिक उपयोग तथा खान सुरक्षा विभाग की लापरवाही का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत में कहा गया कि खनन के दौरान पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंचाई गई है और भूगर्भीय जल का अत्याधिक दोहन हुआ है, जबकि संबंधित पट्टों के पास भूगर्भ जल अनापत्ति प्रमाण पत्र तक नहीं है।निर्भय चौधरी ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच किसी स्वतंत्र प्राधिकारी से कराई जाए तथा दोषी पट्टाधारकों और विस्फोटक आपूर्ति कर्ताओं के विरुद्ध विधिक व आर्थिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय पर सख्ती नहीं बरती गई, तो जनपद में 15 नवंबर 2025 जैसे खनन हादसे दोबारा हो सकते हैं, जिससे जन-धन की भारी हानि सम्भावित है।

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