तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़-(मुन्ना लाल जायसवाल)
कोन(सोनभद्र)। स्थानीय वन प्रभाग रानीडीह और पिण्डारी विट में शाम ढलते ही सोन नदी में अवैध बालू खनन की घटनाएँ बढ़ने लगी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफियाएँ ट्रैक्टर से बालू निकालकर इसे ऊँचे दामों पर अन्य क्षेत्रों, खासकर बैजनाथे तक भेज रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अवैध खनन से राजस्व को प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। नदी किनारे कटाव बढ़ रहा है और आसपास की कृषि भूमि की मिट्टी भी प्रभावित हो रही है। इससे किसानों की पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने वन विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। रानीडीह वीट के वन दरोगा सुशांत कौशल से सेल फोन पर बात कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग मौन साधे हुए है और कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अवैध खनन पर तुरंत रोक नहीं लगी, तो नदी, मिट्टी और स्थानीय पारिस्थितिकी पर स्थायी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसके साथ ही किसानों की आजीविका और स्थानीय राजस्व को भी गंभीर नुकसान हो सकता है।
ग्रामीण प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि अवैध खनन पर तुरंत नियंत्रण किया जाए और नदी किनारे के सुरक्षा उपाय लागू किए जाएँ। उनका कहना है कि यदि खनन माफियाओं पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले समय में पर्यावरणीय और आर्थिक संकट और बढ़ सकता है।






