तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र रॉबर्ट्सगंज, 30 जनवरी 2026 (सोनभद्र संवाददाता): सोनभद्र जिले के चोपन थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक सनसनीखेज हादसा हो गया। डाला पुलिस चौकी इलाके में वाराणसी-शक्तिनगर राज्य मार्ग पर इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के सामने डाला चढ़ाई पर मुर्गों से भरी एक पिकअप वैन शॉर्ट सर्किट के कारण आग का शिकार हो गई। आग की चपेट में आने से वैन पूरी तरह जलकर राख हो गई, जबकि उसमें लदे 25 से अधिक मुर्गों की मौके पर ही मौत हो गई। चालक और खलासी ने अपनी जान बचाने के लिए वाहन सड़क किनारे खड़ा कर फरार हो गए।घटना गुरुवार मध्य रात्रि करीब 2 बजे की बताई जा रही है। पिकअप वैन वाराणसी से छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर की ओर मुर्गों का परिवहन कर रही थी। डाला चढ़ाई पर अचानक वैन के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में शॉर्ट सर्किट हो गया, जिससे चिंगारियां उड़ने लगीं। कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। चालक ने वैन को सड़क किनारे उतार दिया और खलासी के साथ जंगल की ओर भाग गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि सड़क पर गुजरने वाले राहगीरों में हड़कंप मच गया।स्थानीय राहगीर रामू प्रसाद ने बताया, “रात के सन्नाटे में अचानक आग की लपटें दिखीं। हमने चिल्लाकर लोगों को जगाया और चोपन थाने पर फोन किया। अगर फायर ब्रिगेड देर करती तो आसपास के दुकानों तक आग फैल जाती।” सूचना मिलते ही चोपन थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचित किया। चोपन और पड़ोसी क्षेत्रों से पहुंची दो फायर टेंडर टीमों ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक नुकसान हो चुका था – पिकअप का चेसिस पिघल चुका था और मुर्गे भस्म।पुलिस जांच में शॉर्ट सर्किट ही मुख्य कारण
चोपन थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया, “वाहन का नंबर UP 70 टी 9876 है, जो अंबिकापुर के एक व्यापारी का है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग का कारण पाया गया है। वैन पुरानी लग रही है और ओवरलोडिंग की आशंका है। चालक व खलासी की पहचान कर ली गई है, वे शीघ्र गिरफ्त में होंगे। मामला दर्ज कर जांच जारी है।” पुलिस ने वाहन को सीज कर फॉरेंसिक टीम बुलाई है। मालिक से संपर्क साधा जा रहा है।यह मार्ग सोनभद्र का सबसे व्यस्त राज्य मार्ग है, जहां रोजाना सैकड़ों ट्रक और पिकअप गुजरते हैं। डाला चढ़ाई की ढलानदार संरचना वाहनों के लिए हमेशा चुनौती रही है। जिले में पिछले छह माह में शॉर्ट सर्किट से तीन ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें दो में जानमाल का नुकसान हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने वाहनों में वायरिंग चेक न करना और रात के परिवहन में लापरवाही बड़ी वजहें हैं।सुरक्षा विशेषज्ञों की चेतावनी
स्थानीय ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवशंकर पांडे ने कहा, “पोल्ट्री ट्रांसपोर्ट में वेंटिलेशन और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी जरूरी है। प्रशासन को चेकपोस्ट पर सख्ती करनी चाहिए।” जिला प्रशासन ने भी निर्देश जारी किए हैं कि रात्रिकालीन परिवहन पर निगरानी बढ़ाई जाए। फिलहाल, घटनास्थल पर ट्रैफिक सामान्य है, लेकिन राहगीर सतर्क रहने को कहा गया है।सोनभद्र पुलिस ने अपील की है कि कोई भी जानकारी होने पर थाना चोपन से संपर्क करें। यह घटना जिले के परिवहन तंत्र की कमियों को उजागर करती है।






