तेज़ एक्सप्रेस न्यूज-(मुन्ना लाल जायसवाल)
सोनभद्र जिले के कोन ब्लॉक के कई गांवों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। यहां जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पाइपलाइन तो बिछा दी गई है, लेकिन अभी तक नलों से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें पीने के पानी के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि योजना के तहत गांव की गलियों और सड़कों को खोदकर पाइपलाइन डाली गई थी। कई घरों में नल कनेक्शन भी लगा दिए गए हैं, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी नलों में पानी नहीं आया। लोगों का आरोप है कि काम अधूरा होने के बावजूद कागजों में योजना को पूरा दिखा दिया गया है, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति बिल्कुल अलग है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, गर्मी बढ़ने के साथ ही क्षेत्र में जल संकट और गहरा गया है। कई जगहों पर हैंडपंप और बोरवेल सूखने लगे हैं, जिससे पानी की समस्या और बढ़ गई है। महिलाओं और बच्चों को रोजाना कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा है। इससे उनके दैनिक जीवन पर भी असर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते पानी की व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों और विभागीय कर्मचारियों को सूचना दी गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का आरोप है कि अधिकारी केवल आश्वासन देकर मामले को टाल देते हैं। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि सरकार ने गांव-गांव तक नल से पानी पहुंचाने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत की थी, ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल आसानी से मिल सके। लेकिन कोन ब्लॉक के कई गांवों में इस योजना का लाभ अभी तक लोगों को नहीं मिल पाया है। इससे लोगों में निराशा का माहौल है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पाइपलाइन और पानी की आपूर्ति व्यवस्था की जांच कराई जाए और नलों में पानी की सप्लाई शुरू कराई जाए। उनका कहना है कि अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए उन्हें बार-बार अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जो बेहद दुखद है।
इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, स्थानीय लोग उम्मीद जता रहे हैं कि प्रशासन जल्द ही इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाएगा।
गौरतलब है कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य हर ग्रामीण घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन कई इलाकों में योजना के कार्यान्वयन में लापरवाही और अधूरे कार्य के कारण लोगों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में जरूरी है कि संबंधित विभाग समय रहते स्थिति का जायजा लेकर ग्रामीणों को राहत दिलाने के लिए ठोस कदम




