15–20 किमी दूर मतदान केंद्र से ग्रामीण परेशान, 8 टोला के लोगों ने जोगीडीह में बूथ बनाने की उठाई मांग

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र।जनपद के म्योरपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलहत्थी के आठ टोला—जोगीडीह, टेढ़ीअवा, सजहवा, लालीमाटी, बेलगुड़ी, झरिहवा, रजनी और बड़वान—के ग्रामीणों को मतदान के अधिकार के प्रयोग में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इन सभी टोला के मतदाताओं के लिए 15 से 20 किलोमीटर दूर कोड़रा एवं निहाई पाथर स्थित विद्यालयों में मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जिससे ग्रामीणों में गहरी नाराजगी व्याप्त है।
ग्रामीणों का कहना है कि इतनी लंबी दूरी तय कर मतदान केंद्र तक पहुंचना खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों वाली माताओं के लिए बेहद मुश्किल है। यही वजह है कि हर चुनाव में बड़ी संख्या में लोग अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाते, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित होती है। स्थानीय लोगों ने एक स्वर में मांग उठाई है कि इन सभी आठ टोला के लिए जोगीडीह प्राथमिक विद्यालय में ही मतदान केंद्र स्थापित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग मतदान में भाग ले सकें।
ग्रामीणों ने इस संबंध में प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि क्षेत्र की समस्याएं केवल मतदान केंद्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। जोगीडीह रेलवे स्टेशन के पास रेलवे लाइन पार करना यहां के लोगों के लिए रोजमर्रा की चुनौती बना हुआ है। स्थानीय आदिवासी आबादी लंबे समय से रेलवे लाइन पर आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) निर्माण की मांग कर रही है।
बताया गया कि पूर्व मध्य रेल, धनबाद ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि जब तक रेलवे लाइन के दोनों ओर संपर्क सड़क का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक आरओबी का निर्माण संभव नहीं है। लेकिन सड़क निर्माण का कार्य वर्षों से लंबित है, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है।
स्थिति यह है कि करीब 400 स्कूली बच्चे और सैकड़ों ग्रामीण प्रतिदिन अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन पार करने को मजबूर हैं। कई बार लोग स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ियों के नीचे से निकलकर आवागमन करते हैं, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अवगत कराया, लेकिन पिछले आठ वर्षों से कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति असंतोष बढ़ता जा रहा है।
अब ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मतदान केंद्र की दूरी कम करने और सड़क व आरओबी निर्माण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उनका कहना है कि बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है, और इसके अभाव में क्षेत्र का समुचित विकास संभव नहीं है।

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