सोनभद्र में मजदूरों का फूटा गुस्सा महीनों से रुका वेतन ठेकेदार कंपनियों के खिलाफ बड़ा आंदोलन तेज

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र। ओबरा औद्योगिक क्षेत्र में काम कर रहे सैकड़ों संविदा श्रमिकों का सब्र अब जवाब दे चुका है। लंबे समय से वेतन न मिलने से नाराज मजदूरों ने ठेकेदार कंपनियों के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। श्रमिकों का आरोप है कि कई महीनों से उन्हें मेहनताना नहीं दिया गया, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
ओबरा क्षेत्र में कार्यरत RKE, Louyad PNC, Insolesan, JISHA, Sumenargey और Om Construction सहित कई कंपनियों पर श्रमिकों ने लापरवाही और शोषण का आरोप लगाया है। मजदूरों का कहना है कि वे दिन-रात कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा।
इस मुद्दे को लेकर भारती संविदा श्रमिक संगठन के नेतृत्व में मजदूर एकजुट हो गए हैं। संगठन के अध्यक्ष मणि शंकर पाठक और मंत्री उमेश पटेल की अगुवाई में श्रमिकों ने संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
श्रमिकों ने बताया कि वेतन न मिलने के कारण उनके परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। बच्चों की पढ़ाई, घर का राशन, इलाज जैसी बुनियादी जरूरतें भी प्रभावित हो रही हैं। कई मजदूर कर्ज लेने को मजबूर हो गए हैं, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
आंदोलन में शामिल प्रमुख श्रमिकों में ओम प्रकाश, विकास, आकाश, अरविंद, एजाज, नौशाद, आशीष, राहुल चौबे, आशीष चौबे, आलोक, युगेश चौबे, नीरज, सत्यप्रकाश, तुलसी दास और अजीत यादव सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हैं। सभी ने एक सुर में अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई और न्याय की गुहार लगाई।
श्रमिकों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं—
बकाया वेतन का तत्काल भुगतान किया जाए
हर महीने समय पर वेतन सुनिश्चित किया जाए
कार्य के घंटे और श्रम कानूनों का पालन कराया जाए
श्रमिकों को बोनस और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएं
श्रमिक नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार जैसे कदम भी उठाए जाएंगे।

Leave a Comment