तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र |
जनपद सोनभद्र में डीजल और पेट्रोल को लेकर बढ़ती हलचल के बीच प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी B. N. Singh ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि किसी भी हाल में जमाखोरी, कालाबाजारी, अफवाह या अवैध परिवहन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में लिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई तय है।
जिलाधिकारी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते पेट्रोलियम पदार्थों को लेकर बाजार में अस्थिरता की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच कुछ स्थानों से डीजल-पेट्रोल की जमाखोरी और कृत्रिम कमी पैदा करने की शिकायतें भी सामने आई हैं। खासतौर पर कुछ पेट्रोल पंपों पर सप्लाई बाधित होने और ‘ड्राई’ होने की खबरों ने लोगों में चिंता बढ़ा दी है।
प्रशासन को आशंका है कि कुछ रिटेल आउटलेट संचालक जानबूझकर कृत्रिम अभाव पैदा कर सकते हैं, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़े। इसी को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे पारदर्शिता बनाए रखें और किसी भी प्रकार की जमाखोरी या अनुचित गतिविधि से दूर रहें।
साथ ही आम जनता से भी अपील की गई है कि वे घबराकर अनावश्यक रूप से डीजल-पेट्रोल का स्टॉक न करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अफवाह फैलाने, दुष्प्रचार करने या भ्रम की स्थिति पैदा करने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है और ऐसे तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा।
अवैध परिवहन का भंडाफोड़, बिहार ले जाया जा रहा डीजल पकड़ा गया
प्रशासन की सख्ती का असर भी दिखने लगा है। 27 मार्च 2026 को एक बड़ी कार्रवाई में डीजल के अवैध परिवहन का मामला पकड़ा गया। जांच के दौरान एक व्यक्ति द्वारा डीजल को अवैध रूप से बिहार ले जाया जा रहा था, जिसे मौके पर ही पकड़ लिया गया।
प्रकरण में जिला पूर्ति विभाग की संस्तुति पर आरोपी के खिलाफ Essential Commodities Act, 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को नहीं मिलेगी राहत
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि जनपद में कानून व्यवस्था और जनहित सर्वोपरि है। किसी भी व्यक्ति, संस्था या समूह द्वारा यदि हालात बिगाड़ने की कोशिश की गई तो उसके खिलाफ कठोरतम कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं, ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो।






