तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र
अब किसानों के लिए समय आ गया है सतर्क होने का। प्रदेश सरकार ने साफ संकेत दे दिया है फार्मर रजिस्ट्री कराओ, नहीं तो सरकारी योजनाओं का फायदा भूल जाओ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पूरे उत्तर प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री अभियान युद्धस्तर पर शुरू हो चुका है और सोनभद्र जिला प्रशासन ने इसे लेकर पूरी ताकत झोंक दी है।
जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि अप्रैल 2026 तक रजिस्ट्री पूरी नहीं कराने वाले किसानों की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित सभी कृषि योजनाओं की धनराशि रोक दी जाएगी। यानी अब एक छोटी सी लापरवाही सीधे जेब पर भारी पड़ सकती है।
फार्मर रजिस्ट्री: खेती का ‘डिजिटल पासपोर्ट’
सरकार इस नई व्यवस्था को किसानों के लिए डिजिटल क्रांति के रूप में लागू कर रही है। फार्मर रजिस्ट्री के जरिए हर किसान को एक यूनिक आईडी मिलेगी, जिसमें उसकी जमीन, फसल, बैंक और योजनाओं से जुड़ी पूरी जानकारी दर्ज होगी।
इससे फायदा ये होगा कि:बार-बार कागजों के चक्कर खत्म
योजनाओं का लाभ सीधे और तेज मिलेगा
फर्जीवाड़ा और गड़बड़ी पर लगेगी रोक
अब किसान सिर्फ एक पहचान से पा सकेंगे:
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि
फसल बीमा योजना
कृषि सब्सिडी
अन्य सरकारी योजनाएं
प्रशासन का प्लान: गांव-गांव कैंप, हर किसान तक पहुंच
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:
हर ग्राम पंचायत में विशेष रजिस्ट्रेशन कैंप लगाए जाएंगे
मौके पर ही किसानों का डेटा दर्ज कर रजिस्ट्रेशन किया जाएगा
कोई भी पात्र किसान छूटने न पाए, इसकी जिम्मेदारी तय की गई है
सोनभद्र प्रशासन का लक्ष्य है—“एक भी किसान छूटे नहीं”।
आधार लिंक अनिवार्य, रिकॉर्ड में गड़बड़ी भी होगी दुरुस्त
कई बार किसानों को योजनाओं का लाभ सिर्फ छोटी-छोटी गलतियों की वजह से नहीं मिल पाता। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने साफ किया है कि:
नाम, खाता या जमीन में गलती
योजना में असंगति
पुराने रिकॉर्ड की त्रुटि इन सभी को आधार से लिंक कर तुरंत सुधारा जाएगा।
साथ ही हर किसान का किसान पहचान पत्र भी तैयार किया जाएगा, जिससे भविष्य में कोई दिक्कत न हो।
डेडलाइन फिक्स: सरकार ने कसा शिकंजा
सरकार ने इस अभियान के लिए सख्त टाइमलाइन तय कर दी है: 01 मई 2026 तक कृषि विभाग का पोर्टल पूरी तरह चालू
31 मई 2026 तक उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता और लघु सिंचाई विभाग जुड़ेंगे
इसके बाद सभी योजनाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर आ जाएंगी और पूरी व्यवस्था डिजिटल हो जाएगी।
सीधी चेतावनी: रजिस्ट्री नहीं तो लाभ नहीं प्रशासन ने दो टूक शब्दों में संदेश दिया है:
अप्रैल 2026 के बाद बिना फार्मर रजिस्ट्री कोई भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा”
यानी अब यह सिर्फ एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों के लिए जरूरी शर्त बन चुकी है।
जमीनी हकीकत: अब किसान को खुद आगे आना होगा
सोनभद्र जैसे जिले में जहां बड़ी संख्या में किसान सरकारी योजनाओं पर निर्भर हैं, वहां यह अभियान बेहद अहम हो गया है। प्रशासन जहां हर स्तर पर तैयारी कर रहा है, वहीं किसानों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है कि वे समय रहते रजिस्ट्री कराकर अपने हक का पैसा सुरक्षित करें। निष्कर्ष: देर की तो नुकसान तय
फार्मर रजिस्ट्री अब विकल्प नहीं, मजबूरी बन गई है।
जो किसान समय पर रजिस्ट्रेशन करा लेंगे, वही योजनाओं का पूरा लाभ उठा पाएंगे।
इसलिए अलर्ट रहें, कैंप में पहुंचें और तुरंत अपनी रजिस्ट्री कराएं—वरना बाद में पछताना पड़ सकता है।






