झूठी एफ आई आर और झूठी गवाही के मामले में हाइकोर्ट के लखनऊ खंडपीठ से आया बड़ा फैसला

image_editor_output_image1802523359-1776765588039

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – विष्णु गुप्ता

उत्तर प्रदेश के लखनऊ से बड़ी खबर सामने आई है, जहां यूपी पुलिस मुख्यालय ने झूठी एफआईआर दर्ज कराने और झूठी गवाही देने वालों के खिलाफ कार्रवाई से जुड़े पहले जारी सर्कुलर को फिलहाल वापस ले लिया है. यह कदम सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद उठाया गया है, जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के कुछ निर्देशों पर रोक लगा दी गई है.

डीजीपी राजीव कृष्ण ने 14 मार्च 2026 को जारी किए गए उस सर्कुलर को निरस्त कर दिया है, जिसमें यह व्यवस्था दी गई थी कि झूठी एफआईआर पाए जाने पर शिकायतकर्ता और गवाहों के खिलाफ अनिवार्य रूप से कोर्ट में परिवाद दाखिल किया जाएगा. साथ ही, कार्रवाई न करने पर संबंधित विवेचक, थाना प्रभारी और पर्यवेक्षण अधिकारी को भी जिम्मेदार ठहराने का प्रावधान रखा गया था.

नए सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने ‘उम्मे फरवा बनाम राज्य सरकार’ मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के कुछ हिस्सों पर रोक लगाई है. कोर्ट ने अपने 9 फरवरी के आदेश में साफ कहा है कि हाईकोर्ट के निर्देशों के पैरा 45 से 48 तक की व्यवस्था अगली सुनवाई तक स्थगित रहेगी. इन्हीं निर्देशों के आधार पर पहले जारी सर्कुलर को लागू किया गया था, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद उसे वापस ले लिया गया है. इस पूरे घटनाक्रम के बाद फिलहाल झूठी एफआईआर और गवाही को लेकर पहले जैसी सख्त प्रक्रिया लागू नहीं होगी और आगे की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय के बाद तय की जाएगी.
#UttarPradesh #UPPolice

About the Author

Leave a Reply