तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र। न्याय व्यवस्था को सरल, सुलभ और त्वरित बनाने की दिशा में शनिवार को सोनभद्र जनपद में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ऐतिहासिक साबित हुई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र के तत्वावधान में आयोजित इस महाअभियान में एक ही दिन में 88 हजार से अधिक मामलों का निस्तारण कर नया रिकॉर्ड कायम किया गया। अदालत में आपसी सुलह-समझौते के आधार पर करोड़ों रुपये की समाधान राशि तय हुई, जिससे हजारों लोगों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिली।
राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जनपद न्यायालय परिसर में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद न्यायालय परिसर में विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश रामसुलीन सिंह द्वारा किया गया। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक प्रतिनिधियों तथा स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों ने विभिन्न बैंकों एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और अधिक से अधिक मामलों का आपसी समझौते से निस्तारण करने पर जोर दिया। लोक अदालत में पहुंचे लोगों को सरल न्याय प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक शमनीय वाद, धारा-138 एनआई एक्ट, बैंक वसूली, मोटर दुर्घटना प्रतिकर, पारिवारिक विवाद, श्रम वाद, भूमि अधिग्रहण, बिजली-पानी बिल, राजस्व विवाद तथा अन्य सिविल मामलों सहित प्री-लिटिगेशन मामलों का भी निस्तारण किया गया। अदालत में कई ऐसे मामले भी सुलझे जो वर्षों से लंबित थे।लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों द्वारा हजारों मामलों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण में लाखों रुपये की समाधान राशि तय हुई, जबकि बैंक मामलों में भी बड़ी संख्या में समझौते हुए। पारिवारिक विवादों के समाधान से कई परिवारों में फिर से आपसी सहमति और सौहार्द का माहौल बना।
आंकड़ों के अनुसार न्यायालयों में कुल 3,772 मामलों का निस्तारण किया गया, जिसमें लगभग 4 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक की समाधान एवं जुर्माना राशि तय हुई। वहीं राजस्व न्यायालयों, अन्य विभागों और प्री-लिटिगेशन मामलों में 83,780 मामलों का निस्तारण किया गया, जिसकी समाधान राशि 19 करोड़ 56 लाख रुपये से अधिक रही। इसके अलावा निजी एवं सार्वजनिक बैंकों के 474 मामलों का भी निपटारा हुआ, जिनमें करीब 2 करोड़ 54 लाख रुपये की समाधान राशि तय की गई।
इस प्रकार पूरे जनपद में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 88,026 मामलों का अंतिम रूप से निस्तारण किया गया और कुल 26 करोड़ 44 लाख 64 हजार 438 रुपये की समाधान राशि तय हुई। यह उपलब्धि जनपद की न्यायिक व्यवस्था के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।
इसके साथ ही 7 मई से 9 मई तक आयोजित विशेष लोक अदालत लघु अपराध (पेटी ऑफेन्सेज) में भी 26 मामलों का निस्तारण किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय श्रीमती रचना अरोड़ा, एमएसीटी कोर्ट के पीठासीन अधिकारी अशोक कुमार, प्रथम अपर जनपद न्यायाधीश संदीप गुप्ता, विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी गोविंद मोहन, अपर जनपद न्यायाधीश विपिन कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायधीश पंकज सहित जनपद के तमाम न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता और न्यायालय कर्मी मौजूद रहे।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य आमजन को त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है, ताकि लोग लंबी कानूनी प्रक्रिया और अनावश्यक खर्च से बच सकें।






