प्रेशर हॉर्न पर कार्रवाई और डीजल की मार, ट्रक ऑपरेटरों का फूटा गुस्सा

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र जिले में लगातार बढ़ती डीजल कीमतों और ट्रांसपोर्ट किराए में बढ़ोतरी न होने से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय गहरे संकट में पहुंच गया है। इस मुद्दे को लेकर सोमवार को सोनभद्र ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल किशोर सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर ट्रांसपोर्टरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि बीते दस दिनों के भीतर चार बार डीजल के दाम बढ़ चुके हैं, लेकिन ट्रकों का भाड़ा अब तक नहीं बढ़ाया गया, जिससे ट्रांसपोर्टरों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।उन्होंने बताया कि ट्रक संचालन में डीजल सबसे बड़ा खर्च होता है। डीजल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि के कारण ट्रक मालिकों को रोजाना हजारों रुपये का अतिरिक्त भार उठाना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर माल ढुलाई का किराया पुराने रेट पर ही चल रहा है, जिससे ट्रांसपोर्टरों की आमदनी और खर्च के बीच भारी असंतुलन पैदा हो गया है।कमल किशोर सिंह ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ट्रक मालिकों के लिए वाहन चलाना बेहद मुश्किल होता जा रहा है। एक तरफ बैंक की किश्तें, वाहन बीमा, टैक्स, फिटनेस, चालक और परिचालक का खर्च लगातार बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ भाड़ा न बढ़ने से व्यवसाय घाटे में पहुंच चुका है। कई छोटे ट्रांसपोर्टर तो आर्थिक तंगी की स्थिति में आ गए हैं।
एसोसिएशन अध्यक्ष ने यातायात पुलिस की कार्रवाई पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इन दिनों ट्रकों से प्रेशर हॉर्न उतरवाने और भारी-भरकम जुर्माना लगाने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर वाहन मालिकों का उत्पीड़न उचित नहीं है। इससे ट्रांसपोर्टरों में असंतोष बढ़ रहा है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि डीजल कीमतों में हुई बढ़ोतरी को देखते हुए माल ढुलाई दरों में तत्काल संशोधन कराया जाए, ताकि ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को राहत मिल सके। साथ ही यातायात पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई में भी व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।
कमल किशोर सिंह ने चेतावनी दी कि यदि ट्रांसपोर्टरों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट व्यवसाय जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और यदि यही क्षेत्र संकट में रहेगा तो इसका असर व्यापार और उद्योगों पर भी पड़ेगा।

Leave a Comment