तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र जनपद के ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क को मजबूत बनाने और विकास कार्यों को तेज गति देने के उद्देश्य से बुधवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में लोक निर्माण विभाग की वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना को लेकर महत्वपूर्ण बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्पन्न हुई। बैठक में 150 से अधिक आबादी वाले अब तक सड़क संपर्क से वंचित मजरों को पक्के मार्गों से जोड़ने, अवशेष लघु सेतु निर्माण, नई सड़कों और अन्य विकास कार्यों पर विस्तार से मंथन किया गया।
बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति राज्यमंत्री संजीव कुमार सिंह गौंड, सदर विधायक भूपेश चौबे, घोरावल विधायक डॉ. अनिल कुमार मौर्य, विधान परिषद सदस्य विनीत सिंह सहित लोक निर्माण विभाग के प्रान्तीय खण्ड, निर्माण खण्ड एवं निर्माण खण्ड-2 के अधिशासी अभियंता मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता है कि प्रदेश का कोई भी पात्र मजरा सड़क सुविधा से वंचित न रहे। उन्होंने निर्देश दिया कि जनपद के ऐसे सभी मजरे जिनकी आबादी 150 से अधिक है और अब तक पक्की सड़क से नहीं जुड़े हैं, उन्हें हर हाल में कार्ययोजना में शामिल किया जाए। साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विधानसभा वार ऐसे गांवों और मजरों का चिन्हांकन कर प्रस्ताव तैयार किए जाएं।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के जनपद भ्रमण के समय दिए गए निर्देशों का भी विशेष रूप से उल्लेख किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क नेटवर्क तैयार करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सड़क, पुलिया, लघु सेतु और अन्य निर्माण कार्यों के प्रस्तावों को समयबद्ध तरीके से तैयार कर शासन को भेजा जाए ताकि स्वीकृति मिलने के बाद कार्य शीघ्र शुरू कराया जा सके।
जनप्रतिनिधियों से भी कहा गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क संपर्क से वंचित मजरों, जर्जर मार्गों तथा आवश्यक पुल-पुलियों से संबंधित प्रस्ताव उपलब्ध कराएं, जिससे उन्हें कार्ययोजना में शामिल कर विकास कार्यों को धरातल पर उतारा जा सके। बैठक में ग्रामीण अंचलों में आवागमन की समस्याओं, बरसात के दौरान कटने वाले मार्गों और संपर्कहीन क्षेत्रों को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कार्ययोजना में किसी भी पात्र मजरे को छूटना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्रतिबद्धता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समन्वय और पारदर्शिता के साथ कार्य करने पर जनपद के विकास को नई गति मिलेगी तथा दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक भी मूलभूत सुविधाएं आसानी से पहुंच सकेंगी।






