तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – प्रमोद कुमार
दुद्धी (सोनभद्र)।विकास खंड के ग्राम गोहड़ा के आदिवासी कृषक आज जिला मुख्यालय में पहुंचे और पुलिस अधीक्षक सोनभद्र को एक लिखित ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि स्थानीय चौकी अमवार के प्रभारी ने विपक्षी पक्ष के साथ मिलकर उनके खेतों पर अवैध कब्जा कराने और उन्हें धक्का-मुक्की व जातिसूचक गाली देने का काम किया।
प्रार्थियों में रमेश व प्रेमचंद सहित कई ग्रामीण शामिल थे। उन्होंने बताया कि वे अपनी पुश्तैनी ज़मीन पर जोत-कोड़ कर खेती करते आए हैं और कुछ स्थानों पर परिवार के पुराने मकान भी हैं।जोत कोड़ के दौरान भगवत यादव पुत्र रामवृक्ष, शिवलोचन पुत्र सोहन, रामदेव पुत्र भिखारी, प्रेम व जयप्रकाश पृथ्वीपाल , दुलार चन्द पुत्र रामदेव सहित ग्राम गोहड़ा व राधेश्याम यादव व राजीव यादव पुत्रगण बालकेश्वर यादव निवासी कोलीनडूबा थाना विण्ढमगंज मौके पर आ गए और उनके बैलों को हल से हटाकर खेतों में बांध डाली।
जब ग्रामीणों ने 112 पर कॉल कर पुलिस बुलवाई तो चौकी अमवार के बुलावे पर केवल प्रार्थीगण ही चौकी पहुंचे, वहीं दूसरे पक्ष वहां नहीं आया।
प्रार्थियों का आरोप है कि चौकी प्रभारी ने कहा कि विरोधियों को छोड़ने के लिए 50,000 रुपये लाओ ।बाद में प्रार्थीगण ने परेशान होकर 30,000 रुपये दे दिए। पैसे देने के बाद भी विरोधी पक्ष ने उनके बोए हुए खेतों की फसल उलटवा कर पुनः बुआई करा दी। जब प्रार्थीगण ने पुनः शिकायत की तो चौकी प्रभारी ने धमकी दी कि यदि ज्यादा विरोध किया तो उनके खिलाफ गंभीर धाराएँ लगाकर जेल भेज दिया जाएगा। प्रार्थी के अनुसार विपक्षी पक्ष ने सर्वे के दौरान कुछ भूमियों पर अपने परिजनों के नाम करवा लिए हैं, जबकि आदिवासी पीड़ित वहीं लंबे समय से जोतकर आबाद हैं।
प्रार्थियों ने बताया कि यही जमीन उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है और अगर इसे उनसे छीन लिया गया तो वे बेघर हो जाएंगे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि चौकी प्रभारी अमवार व आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराकर कब्जे हटवाए जाएं तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कारवाही की जाए।





