तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – इब्राहिम खान
दुद्धी – सोनभद्र
कोरोना महामारी के कारण बन्द चल रहे बेसिक शिक्षा विभाग के बच्चों के लिए एम डी एम का खाद्यान्न और कन्वर्जन कॉस्ट बच्चों के माता पिता को दिए जाने की व्यवस्था सरकार ने की है और अब तक तीन चरणों में कोटेदार के यहां से अभिभावकों को खाद्यान्न मिल चुका है लेकिन बैंकों की लापरवाही से अभी तक छात्रों के कन्वर्जन कॉस्ट का पैसा नहीं पहुँच सका है जिससे अभिभावकों में आक्रोश व्याप्त है।दर्जनों अभिभावक प्रतिदिन बैंकों में आकर खाता चेक कराते हैं तो पैसा नही आने की बात बताई जाती हैं और जब अभिभावक स्कूल में जाते हैं तो गुरुजी कहते हैं कि पैसा भेज दिया गया है।अब ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर गुरुजी पैसा भेज दिए हैं तो अभिभावकों के खाते में अभी तक क्यों नहीं आए ?
बता दें कि दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र में कुल 27 हजार के करीब बच्चें नामांकित हैं और दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र के लगभग सभी स्कुलों का खाता एक निजी बैंक के अमवार शाखा में है।सरकार के डिजिटल लेन देन के बावजूद बैंकों की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और जिस कदर दुद्धी क्षेत्र में बैंकों की लापरवाही है यह किसी से छिपी नहीं है।बैंकों की लापरवाही के कारण ही एक बार स्वयं सहायता समूह के महिलाओं ने बैंकों में तालाबंदी भी कर दी थी तब हड़कंप मच गया था बाद में काफी समझाने बुझाने के महिलाएं शांत हुई थी और एक फिर बैंकों की कार्य व्यवहार से लोग आहत हैं और बैंकों की व्यवस्था को लेकर आम जनता की गुस्सा कभी भी फुट सकता है।
इस सम्बंध में खण्ड शिक्षा अधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र के अधिकांश स्कूलों का खाता एक ही बैंक में है और बैंकों में स्टॉप कम होने के कारण कुछ देरी हुई है फिर भी प्रयास करके बच्चों के अभिभावकों के खाते में पैसे भजवाए जा रहे हैं। पहली किस्त का पैसा अधिकांश अभिभावकों के खाते में चली गई है।सभी सूचीबद्ध अभिभावकों के खाते में समय से पैसे भेजे जाने को लेकर बैंक मैनेजर से मिलकर कहा गया है उम्मीद है जल्द ही सभी अभिभावकों के खाते में कन्वर्जन कॉस्ट का पैसा भेज दिया जाएगा।






