तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – इब्राहिम खान
दुद्धी/ सोनभद्र
ब्लॉक क्षेत्र के मझौली गांव में रविवार को हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मेढ़क मेढ़की की शादी आदिवासी रीति रिवाजों से की गई ,आदिवासी समाज मे मान्यता है कि मेढ़क मेंढकी की शादी कराने से इंद्रदेव प्रसन्न होते है और अच्छी बरसात होती है|पूर्व ग्राम प्रधान मोतीलाल ने बताया कि पुरानी परपम्परा के अनुसार गांव से पुरुष व महिलाएं कलश में जल भरकर 4 दिन तक लगातार मेंढर स्थल पर जल चढ़ाते है उसके बाद 5वें दिन आदिवासी महिलाएं संग पुरुष गाजे बाजे के साथ मझौली गांव से मेढ़क को हल्दी लगाकर कटौली पहुँचे और वहां कन्या पक्ष से मेढ़की को हल्दी लगाकर दोनों का विवाह सम्पन्न कराया उसके बाद दोनों को जलाशय में छोड़ दिया गया |बताया कि आदिवासी प्रति वर्ष मेढ़क मेढकी का विवाह आदिवासी रीति रिवाज से सम्पन्न कराते है ,मान्यता है कि ऐसा करने से अच्छी बरसात होती है | मेढ़क मेढ़की के बारात में सैकड़ो की संख्या में आदिवासी महिलाएं पुरुष शामिल हुए,बता दे कि आदिवासियों की यह परम्पररा ईश्वर में विश्वास का द्योतक है |






