तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ –
उन्नाव भगवंत नगर/ब्यूरो महेंद्र राज शुक्ल
ग्रामींण़ जीवन अस्त व्यस्त
विभागीय कर्मियों को नही मालूम कटौती (रोस्टिंग) व तकनीकी खराबी (फेल) होने का अंतर
अस्पष्ट जानकारी देकर भोली भाली ग्रामींण़ जनता को जा रहा है भरमाया
आज भी सन् 1947 का जीवन जीने को मजबूर ग्रामींण़
आखि़र क्या है इस समस्या का कारण़?
घटिया सामग्री?
श्रम शक्ति की कमी ?
ओवरलोड?
धन की कमी?
शाशन की अनदेखी?
या कुछ और?






