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कानपुर/ब्यूरो महेंद्र राज शुक्ल
गंगा बैराज पर उन्नाव जिले की सीमा में 1144.13 एकड़ में बसाई जा रही ट्रांसगंगा हाईटेक सिटी में व्यावसायिक भूखंडों की दरें कम की जा सकती हैं। फिलहाल 45 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर आरक्षित मूल्य है। जब भी भूखंडों की नीलामी होगी। इससे कम दर पर बोली शुरू नहीं हो सकती थी, लेकिन अब दरें कम करने की तैयारी है। औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) प्रबंधन को आरक्षित मूल्य कम करने को कहा है। व्यावसायिक भूखंडों की दर कम होने पर प्रबंधन आवासीय भूखंडों की दरें बढ़ सकती हैैं।
औद्योगिक क्षेत्र में आवासीय भूखंडों की दर 18 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर है। औद्योगिक भूखंड की दर 10,850 रुपये प्रति वर्गमीटर है। व्यावसायिक भूखंड नीलामी के माध्यम से आवंटित किए जाते हैं तो आवासीय भूखंड लाटरी के माध्यम से। अभी तक व्यावसायिक भूखंडों की नीलामी शुरू नहीं हुई है। अब पेट्रोल पंप, सीएनजी पंप आदि की स्थापना के लिए व्यावसायिक भूखंडों की मांग बढ़ी है। लोग भूखंड तो लेना चाहते हैं लेकिन नीलामी के लिए भूखंड का आरक्षित मूल्य 45 हजार रुपये होना लोगों को अखरता है।
कई संगठनों के पदाधिकारियों ने औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना से मिलकर भूखंडों की दर कम कराने का आग्रह किया था। इस पर उन्होंने प्रबंधन से दर कम करने को कहा है। प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक वैसे तो बढ़ी दरें कम करना आसान और तर्कसंगत नहीं है, लेकिन आवासीय भूखंडों की दर में थोड़ा इजाफा करते हुए यहां व्यावसायिक भूखंड की दर कुछ कम की जा सकती है। दर में कितनी कमी आएगी, अभी इस पर कोई विचार नहीं हुआ है। दर कम करने का निर्णय बोर्ड बैठक में ही होगा। प्रबंधन सिर्फ प्रस्ताव प्रेषित कर सकता है।






