जश्ने ईद मिलादुन्नबी में उमड़ा अकीदतमंदों का हुजूम

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – इब्राहिम खान

ग़लती या गुनाह होने पर अल्लाह से तौबा करो-कारी दिलशाद अहमद

मुहम्मद साहब की शिक्षाएं किसी एक मुल्क या मजहब के लिए नहीं-मौ. शब्बीर अहमद

रसूल ने सारी दुनिया को इंसानियत, समानता और भाईचारे का पैगाम-मौ.एजाज

दुद्धी, सोनभद्र। अंजुमन रजा-ए-मुस्तफा व गरीब नवाज कमेटी के संयुक्त तत्वाधान में रविवार की रात क्षेत्र के बघाडू गांव में जश्ने ईद मिलादुन्नबी का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जलसे में तकरीर करते हुए वाराणसी से पधारे मौलाना कारी दिलशाद अहमद ने कहा कि अज़ीज़म अगर तुम से कोई ग़लती या गुनाह सरज़द हो जाये, तो अल्लाह की बारगाह में शुजाअत के साथ उसका इक़रार करो। दिल से दुआ करो कि ऐ अल्लाह मुझ से ख़ता हुई है इसको बख़्श दे, मेरे उज्र को क़बूल कर ले और मुझे हवाए नफ़्स व शैतान के जाल से रिहाई दे, माबूद तू तो अरहमुर्राहीमीन और ग़फ़्फ़ारज़ ज़नूब है।
इस तरह ग़लती के इक़रार और माफ़ी की इलतजा जहाँ तुम को सुकून हासिल होगा वहीँ तुम्हारे लिए इस्लाह और कुर्बे ख़ुदा का रास्ता भी हमवार हो जायेगा। इस के बाद ग़लतीयों के इज़ाले और अपनी इस्लाह के लिए कोशिश करो, और यह भी जान लो कि इस काम से इंसान का मक़ाम तनज़्ज़ुली नही आती बल्कि इसके बर अक्स इंसान का मक़ाम और बढ़ जाता है।
अल्लाह से क़ुर्ब का रास्ता वह रास्ता है जिसमें तकब्बुर और ज़िद्द की कोई गुंजाइश नही है।
मौलाना इबादत हुसैन ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब ने इंसानियत को रोशनी दी तथा अपने नूर से पूरी दुनिया को मुनव्वर कर दिया। खुदा ने कुरान ए पाक में फरमाया कि हमने मोहम्मद को दुनिया के लिए रहमत बनकर भेजा। जिस समय हजरत मोहम्मद साहब तशरीफ लाए उस समय दुनिया जिहालत के अंधेरे में गुम थी। आपने भटकी हुई इंसानियत को रोशनी दी तथा आप मीनारा ए नूर बनकर आए। कुरान ए पाक में अल्लाह फरमाता है कि हमने मोहम्मद को दुनिया के लिए रहमत बनाकर भेजा। मोहम्मद साहब ने पूरी दुनिया को अमन का पैगाम दिया, उन्होंने अपने अखलाक का ऐसा नमूना पेश किया कि आप पर आपके दुश्मन भी ईमान ले आए। हमें मोहम्मद साहब की जिदंगी से यह तालीम मिलती है कि लोगों के साथ भलाई करें। सभी एक अल्लाह के बंदे है, सभी के साथ समानता का व्यवहार करें। मोहम्मद साहब ने सभी मजहबों के मानने वालों के साथ बेहतरीन सुलूक किया है।
वाड्रफनगर छत्तीसगढ़ के मौलाना एजाज अहमद ने अपनी रूहानी तकरीर में फरमाया कि हजरत मुहम्मद साहब का पैगाम है, ‘‘कोई इंसान उस वक्त तक मोमिन (सच्चा मुसलमान) नहीं हो सकता, जब तक कि वह अपने भाई-बंदों के लिए भी वही न चाहे जितना वह अपने लिए चाहता है। उन्होंने झूठी प्रशंसा, गरीबों को हीन भावना से देखने, समाज के कमजोर तबकों पर जुल्म करने का हमेशा विरोध किया।
खुदा के इस प्यारे रसूल ने सारी दुनिया को इंसानियत, समानता और भाईचारे का पैगाम दिया। पैगंबर साहब ने इंसानों को जिंदगी जीने का एक नया तरीका और बेहतर सलीका बताया और लोगों को सही रास्ते पर चलने की तालीम दी।

अध्यक्षता कर रहे मौलाना शब्बीर अहमद ने अपनी तकरीर में कहा कि अगर पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब की तालीमों पर विचार किया जाए, तो दो बातें उनमें सबसे अहम हैं. पहली, मुहम्मद साहब की शिक्षाएं किसी एक मुल्क या मजहब के लिए नहीं हैं। वो सबके लिए हैं। सारी दुनिया और पीड़ित मानवता के लिए हैं। दूसरी, उनकी शिक्षाएं आज से सदियों साल पहले जितनी प्रासंगिक थीं, वे आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं. जरूरत उन शिक्षाओं को सही तरह से समझने और उन पर ईमानदारी से अनुसरण करने की है। उन्होंने कार्यक्रम में शिरकत करने वाले जिला पंचायत सदस्य जुबेर आलम, सदर रहीम बक्श उर्फ कल्लन खान, ग्राम प्रधान अब्दुल्लाह सहित अन्य मोहतरम सियासी सख्शियतों सहित समस्त अकीदतमंद आवाम का शुक्रिया भी अदा किया। इस अवसर पर जामिया रिज्विया मदरसा के प्रिंसिपल मौलाना सलीमुद्दीन, मौलाना अमीनुद्दीन, मौलाना मुस्तकीम, मौलाना मंसूर अहमद, मौलाना ज्याउल मोबिन, मौलाना क़याम सहित भारी संख्या में लोग मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन इरफान नवाज पलामू झारखंड के द्वारा किया गया।

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