तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – रेणुकूट
दीपू तिवारी खास रिपोर्ट
रेणुकूट सोनभद्र देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच के कारण आज गढ़वा से चोपन की रेललाइन का दोहरीकरण का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। वहीं रेलवे के अधिकारियों का मनमाना रवैया भी देखने को मिल रहा है। रेणुकूट में एक गरीब विधवा अरुणा देवी के कई कमरे के पक्के मकान को बिना मुआवजा दिए ध्वस्त कर दिया गया, जिससे इस बारिश के मौसम में इनका पूरा परिवार बेबसी के आँसू बहाने को मजबूर है।
आप देख सकते है कि किस तरह से पोकलेन व बुलडोजर की बड़ी बड़ी मशीनों को लगाकर विधवा अरुणा देवी के मकान/आवास को ध्वस्त किया जा रहा है, जिससे पूरा परिवार सदमे में है।
वही अब पूरा परिवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व रेल मंत्री के साथ रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों से अपनी जमीन, मकान के मुआवजे की मांग कर रहा है,
और अगर मुआवजा नही दिया जाता है, तो पूरे परिवार के साथ इच्छामृत्यु की मांग प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति से कर रहे हैं।
वही परिवार द्वारा रेलवे के काम को रुकवा तो दिया गया है, लेकिन जिस तरह से रेलवे के अधिकारी जबरदस्ती काम करवा रहे है उस तरह से काम करवाना बेहद गैर जिम्मेदाराना है ।
ये है संविधान से चलने वाली उत्तर प्रदेश की ट्रिपल इंजन सरकार जहाँ उपजिलाधिकारी द्वारा जबरदस्ती बिना नोटिस दिए विधवा अरुणा देवी के मकान को ध्वस्त कर दिया गया जो कि इनकी भूमिधरी जमीन है, जिसका बकायदा खसरा खतौनी सरकारी भूलेख में दर्ज है । परिवार का कहना है की सरकार ने ना तो नोटिस और ना ही समय दिया। गुंडई दबंगई से तुरंत हमारी भूमिधरी जमीन में बने घर को पहले रेलवे ने गिराया और फिर बिजली विभाग ने बचे हुए घर के ऊपर से 11000 बोल्ट का तार जबरदस्ती खिंचवा दिया, वो भी रेलवे के अधिकारियों व फोर्स के साथ। जिलाधिकारी सोनभद्र, पुलिस अधीक्षक सोनभद्र तथा उपजिलाधिकारी दुद्धि, पुलिस चौकी रेनुकूट, थाना पिपरी ने भी पीड़ित की बात को नही सुना जबकि माननीय हाईकोर्ट इलाहाबाद में यह पूरा मामला विचाराधीन है।
वही आपको बताते चले कि उपजिलाधिकारी दुद्धि को अपना चार्ज लिये लगभग 15 दिन भी नहीं हुआ है। लेकिन परिवार के अनुसार आज दिनांक 24-08-2023 को हमारे परिवार को धमकी देते हुए उन्होंने सबसे पहले मकान गिराना अतिआवश्यक समझा और कोई नोटिस भी नहीं दिया गया। उसके बाद इन लोगों के द्वारा इतना प्रताड़ित किया गया की पीड़िता के पति की अचानक मौत हो गई।
उपजिलाधिकारी दुद्धि के आदेश से अरूणा देवी की भूमधरी जमीन में बना चार कमरों का पक्का मकान जबरदस्ती तोड़ दिया गया है। जबकि इस जमीन का मुकदमा हाइकोर्ट इलाहाबाद में चल रहा है। इस प्रकरण में माननीय हाईकोर्ट इलाहाबाद के आदेश का जानबूझकर उलंघन किया जा रहा है। आम आदमी किससे गुहार लगाये जब की यहां के स्थानीय उपजिलाधिकारी दुद्धि द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पूरे परिवार को धमकाया जा रहा है। पीड़ित पक्ष द्वारा उपजिलाधिकारी दुद्धी को उनके पास मौजूद सभी साक्ष्य दिया भी गया हैं ।
परन्तु रेलवे के अधिकारियों व दुद्धी तहसील के राजस्व कर्मियों द्वारा अधिकारियों को बरगलाकर गलत तथ्यों को पेश किया जा रहा है, जिससे यहाँ के गरीब आदिवासी मजदूरों के साथ साथ स्थानीय निवासी भूमिहीन हो रहे है।






