भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी ग्रामीण विकास मनरेगा के तहत बना रपटा कुछ महीनों में धराशायी जांच के नाम पर खानापूर्ति का आरोप

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तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र। नवसृजित विकास खंड कोन में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों की पोल एक बार फिर खुल गई है। ग्राम पंचायत कुड़वा में छठ घाट जाने वाले मार्ग पर बना रपटा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया, जो निर्माण के चंद महीनों बाद ही एक तरफ से ढह गया। इसी प्रकार, पंचायत के अंतर्गत कराए गए सोखता गड्ढों का निर्माण भी कुछ ही महीनों में जगह-जगह ध्वस्त हो चुका है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।ग्रामीणों का आरोप है कि भुगतान होने के बाद विभागीय अधिकारियों ने आंखें मूंद लीं, जिसके चलते करोड़ों रुपये की सरकारी योजना मज़ाक बनकर रह गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रपटा का निर्माण अक्टूबर 2024 में कराया गया और उसी वर्ष भुगतान भी कर दिया गया, लेकिन कुछ ही समय बाद यह खुद धराशायी हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि इस वर्ष बारिश सामान्य से अधिक हुई, फिर भी अवरोधक में पानी नहीं ठहरा, जिससे साफ है कि निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग हुआ और निगरानी के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई।स्थानीय निवासी सुनील यादव सहित कई ग्रामीणों ने कहा कि कोन ब्लॉक में मनरेगा योजनाओं में कमीशनखोरी का खेल खुलेआम चल रहा है। ब्लॉक से लेकर संबंधित अधिकारी और ठेकेदारों की मिलीभगत से गुणहीन निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, जबकि जांच समितियां केवल औपचारिक दौरे कर खानापूर्ति करती हैं।ग्रामीणों ने मांग की है कि कुड़वा पंचायत में हुए दोनों निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी धन की बर्बादी और भ्रष्टाचार पर रोक लग सके। उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि छठ महापर्व निकट होने के कारण रपटा की तत्काल मरम्मत कराई जाए, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में कठिनाई न हो।

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