तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र। सचिव/निदेशक माला श्रीवास्तव आईएएस ने सोनभद्र जिले की चूना-पत्थर (लाइमस्टोन) खदान का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान खनन कार्यों, सुरक्षा मानकों, प्रमुख खनिजों के उत्पादन एवं डिस्पैच की स्थिति का गहन जायजा लिया गया। निरीक्षण में पाया गया कि वर्तमान में प्रमुख खनिजों के डिस्पैच एवं उत्पादन की निगरानी ऑफलाइन तरीके से हो रही है।ऑनलाइन निगरानी पर जोरश्रीवास्तव ने अधिकारियों के साथ विस्तार से विचार-विमर्श किया और निगरानी व्यवस्था को शीघ्र ऑनलाइन करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन सिस्टम लागू होने से अनुवीक्षण प्रक्रिया सरल हो जाएगी तथा पारदर्शिता में काफी वृद्धि होगी। इससे अवैध खनन पर अंकुश लगेगा और राजस्व संग्रह में भी सुधार आएगा। खदान प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि तकनीकी अपग्रेडेशन के लिए आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएंगे।समीक्षा बैठक में लंबित मामलों पर निर्देशनिरीक्षण के बाद जिलाधिकारी की उपस्थिति में वन विभाग एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में खनन पट्टों से जुड़े लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के सख्त निर्देश दिए गए। श्रीवास्तव ने कहा कि इन प्रकरणों का जल्द समाधान होने से क्षेत्र में खनिज उत्पादन को गति मिलेगी, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा निवेशकों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। वन एवं पर्यावरण मंजूरी से संबंधित मामलों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।सुरक्षा एवं प्रशिक्षण पर बलखनन कार्यों में श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दक्ष एवं प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती पर जोर दिया गया। निर्देश जारी किए गए कि श्रमिकों के लिए नियमित प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएं। सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अनिवार्य करने तथा जोखिम भरे क्षेत्रों में सतर्कता बरतने के आदेश दिए गए। खदान प्रबंधन को सुरक्षा ऑडिट नियमित रूप से कराने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।सतत विकास की दिशा में कदमप्रशासन का मानना है कि ये प्रयास खनन क्षेत्र में सुरक्षित, पारदर्शी और सतत विकास सुनिश्चित करेंगे। सोनभद्र जैसे खनिज समृद्ध जिले में ऐसी पहल से स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी तथा पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित रहेगा। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। आने वाले दिनों में और भी सघन निरीक्षण की योजना है, ताकि खनन गतिविधियां नियंत्रित रहें।सचिव/निदेशक माला श्रीवास्तव आईएएस ने सोनभद्र चूना-पत्थर खदान का किया औचक निरीक्षणसोनभद्र। सचिव/निदेशक माला श्रीवास्तव आईएएस ने सोनभद्र जिले की चूना-पत्थर (लाइमस्टोन) खदान का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान खनन कार्यों, सुरक्षा मानकों, प्रमुख खनिजों के उत्पादन एवं डिस्पैच की स्थिति का गहन जायजा लिया गया। निरीक्षण में पाया गया कि वर्तमान में प्रमुख खनिजों के डिस्पैच एवं उत्पादन की निगरानी ऑफलाइन तरीके से हो रही है।श्रीवास्तव ने अधिकारियों के साथ विस्तार से विचार-विमर्श किया और निगरानी व्यवस्था को शीघ्र ऑनलाइन करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन सिस्टम लागू होने से अनुवीक्षण प्रक्रिया सरल हो जाएगी तथा पारदर्शिता में काफी वृद्धि होगी। इससे अवैध खनन पर अंकुश लगेगा और राजस्व संग्रह में भी सुधार आएगा। खदान प्रबंधन ने तकनीकी अपग्रेडेशन के लिए तत्काल कदम उठाने का आश्वासन दिया।निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी की उपस्थिति में वन विभाग एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में खनन पट्टों से जुड़े लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के सख्त निर्देश दिए गए। श्रीवास्तव ने कहा कि इनका जल्द समाधान होने से खनिज उत्पादन को गति मिलेगी, रोजगार सृजन होगा तथा निवेशकों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। वन एवं पर्यावरण मंजूरी संबंधी मामलों पर विशेष फोकस करने को कहा गया।खनन कार्यों में श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दक्ष एवं प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती पर बल दिया गया। श्रमिकों के लिए नियमित प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने, सुरक्षा उपकरण अनिवार्य करने तथा जोखिम भरे क्षेत्रों में सतर्कता बरतने के आदेश जारी किए गए। खदान प्रबंधन को सुरक्षा ऑडिट नियमित रूप से कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को निर्देशित किया गया।प्रशासन का मानना है कि ये कदम खनन क्षेत्र में सुरक्षित, पारदर्शी और सतत विकास सुनिश्चित करेंगे। सोनभद्र जैसे खनिज समृद्ध जिले में ऐसी पहल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगी। जिला प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि इनका कड़ाई से पालन हो। भविष्य में सघन निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा।






