33 वर्षीय युवक की आत्महत्या, परिवार पर टूटा कहर

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र जिले के ओबरा थाना क्षेत्र के सेक्टर-2 में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को शोक की लहर में डुबो दिया है। 33 वर्षीय युवक संदीप कुमार पुत्र स्वर्गीय भरत झा ने अचानक आत्महत्या कर ली। पिता की मृत्यु के बाद ओबरा परियोजना में नौकरी कर परिवार का एकमात्र सहारा बने संदीप की इस कदम ने परिजनों और पड़ोसियों को गहरा सदमा पहुंचाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।घटना की जानकारी मिलते ही ओबरा थाना पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में पता चला कि संदीप ने घर में ही जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जान दी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, संदीप ओबरा थर्मल पावर परियोजना में लंबे समय से कार्यरत थे और अपनी मेहनत से परिवार चलाने का प्रयास कर रहे थे। पिता भरत झा की मृत्यु के बाद उन्होंने मां और अन्य परिजनों की पूरी जिम्मेदारी संभाल ली थी।परिवार और पड़ोसियों का शोकाकुल चेहरा
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। संदीप की मां ने बताया कि बेटा हमेशा परिवार के लिए चिंतित रहता था और कभी कोई शिकायत नहीं करता था। पड़ोसियों ने भी उनकी तारीफ की। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “संदीप बहुत ही मेहनती और जिम्मेदार युवक था। परियोजना में कड़ी मेहनत करता था और कभी किसी से झगड़ा नहीं किया। अचानक ऐसा कदम क्यों उठाया, यह समझ के बाहर है।” परिवार के सदस्यों ने बताया कि संदीप पिछले कुछ दिनों से तनाव में दिख रहे थे, लेकिन कारणों का खुलासा नहीं कर पाए।पुलिस जांच में ये बिंदु उभर रहे
ओबरा थाना प्रभारी ने बताया कि शव को सोनभद्र जिला अस्पताल के लिए पोस्टमार्टम भेजा गया है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस परिजनों और सहकर्मियों से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक रिपोर्ट में आर्थिक तंगी या कार्यस्थल पर दबाव जैसे कारण संदेह के घेरे में हैं, लेकिन कुछ भी पुष्टि नहीं हुई है। थाना प्रभारी ने कहा, “हम हर पहलू की जांच कर रहे हैं। कोई भी कोण नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।”जिले में बढ़ रही ऐसी घटनाएं, उठी मांग
सोनभद्र जिले में हाल के महीनों में आत्महत्या के मामले बढ़े हैं, खासकर परियोजना क्षेत्रों में कार्यरत युवाओं में। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य पर काउंसलिंग सेंटर खोले जाएं और हेल्पलाइन नंबरों का प्रचार किया जाए। स्थानीय एनजीओ ने भी परिजनों को सहायता देने का भरोसा दिलाया है।यह घटना इलाके के लिए एक सबक है कि तनावग्रस्त युवाओं को समय पर सहारा देना जरूरी है। पुलिस ने परिजनों को धैर्य रखने की सलाह दी है और जांच पूरी होने तक कोई टिप्पणी करने से इंकार किया। जिले भर में संदीप के निधन पर शोक व्यक्त किया जा रहा है।

Leave a Comment