निर्माणाधीन सीमेंट फैक्ट्री में मजदूरों का विस्फोट, ठेकेदार पर गंभीर आरोप

70–80 मजदूरों ने काम किया ठप, भुगतान न मिलने से हाहाकार

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

डाला (सोनभद्र) – चोपन थाना क्षेत्र के सलाईबनवा स्थित निर्माणाधीन सीमेंट फैक्ट्री में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब फैक्ट्री में कार्यरत एक निजी कंपनी के अंतर्गत काम करा रहे ठेकेदार के खिलाफ लगभग 70 से 80 मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा। मजदूरों ने मजदूरी भुगतान में भारी अनियमितता का आरोप लगाते हुए काम बंद कर दिया और फैक्ट्री परिसर में जमकर हंगामा किया।
पीड़ित मजदूरों का कहना है कि वे पिछले कई महीनों से सीमेंट फैक्ट्री के निर्माण कार्य में दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, लेकिन ठेकेदार द्वारा न तो समय से मजदूरी दी जा रही है और न ही कोई ठोस जवाब। मजदूरों ने आरोप लगाया कि बार-बार पैसा मांगने पर उन्हें केवल “कल दे देंगे” का झूठा आश्वासन दिया जाता रहा।
मजदूरों के अनुसार, कई परिवार ऐसे हैं जिनके पास खाने तक के पैसे नहीं बचे हैं। बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और दवाइयों तक की समस्या खड़ी हो गई है। मजदूरों ने बताया कि कुछ साथी कर्ज लेकर किसी तरह जीवन चला रहे हैं, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह से बेकाबू हो चुकी है।
आक्रोशित मजदूरों ने फैक्ट्री के मुख्य गेट पर एकत्र होकर ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी की और तत्काल भुगतान की मांग की। देखते ही देखते मामला तनावपूर्ण हो गया, जिससे निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़ गया।
सूचना मिलने पर चोपन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मजदूरों को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस ने मजदूरों की समस्याएं सुनीं और ठेकेदार व कंपनी प्रबंधन से संपर्क कर मामले के समाधान का आश्वासन दिया। हालांकि मजदूरों का कहना है कि जब तक बकाया मजदूरी का भुगतान नहीं होता, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सलाईबनवा और आसपास के क्षेत्रों में चल रहे बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स में श्रम कानूनों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। मजदूरों के शोषण के बावजूद न तो श्रम विभाग सक्रिय नजर आता है और न ही जिम्मेदार अधिकारी सख्त कार्रवाई करते हैं।
मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रशासन और कंपनी प्रबंधन ने हस्तक्षेप कर न्याय नहीं दिलाया, तो वे परिवार सहित धरना-प्रदर्शन और सड़क जाम जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी ठेकेदार और प्रशासन की होगी।
फिलहाल क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और पुलिस नजर बनाए हुए है। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों की बदहाल स्थिति और ठेकेदारी प्रथा के काले सच को उजागर कर दिया है।

Leave a Comment