खनन श्रमिकों की सुरक्षा के लिए DM का सरप्राइज चेक, ट्रेनिंग सेंटर में ली जानकारी, दिए सख्त निर्देश

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र जिले के डाला-ओबरा स्थित ग्रुप वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर गणेशाय का जिलाधिकारी बीएन सिंह ने सोमवार को अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खनन क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को दी जा रही ट्रेनिंग की बारीकी से जानकारी ली और केंद्र प्रभारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि खनन क्षेत्र के हर श्रमिक को ट्रेनिंग अनिवार्य रूप से लेनी चाहिए, ताकि दुर्घटनाओं का खतरा पूरी तरह खत्म हो सके।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ट्रेनिंग सेंटर के ट्रेनिंग ऑफिसर आरपी सिंह से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। आरपी सिंह ने बताया कि यह केंद्र फरवरी 2024 से संचालित हो रहा है और इसे खाद्य सुरक्षा महानिदेशालय, वाराणसी से मान्यता प्राप्त है। अब तक यहां करीब 200 श्रमिकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। केंद्र का मुख्य उद्देश्य खनन क्षेत्र में नए श्रमिकों को 12 से 20 दिनों की ट्रेनिंग देना है, जिसमें सुरक्षा संबंधी विशेषज्ञता पर जोर दिया जाता है।ट्रेनिंग के दौरान श्रमिकों को खनन कार्यों के दौरान संभावित जोखिमों, सुरक्षा उपकरणों के उपयोग, आपातकालीन प्रक्रियाओं और अन्य जरूरी जानकारियों से रूबरू कराया जाता है। खास बात यह है कि 5 वर्ष के अनुभव वाले श्रमिकों को विशेष रिफ्रेशर ट्रेनिंग भी प्रदान की जाती है। ट्रेनिंग पूरी होने पर सभी को प्रमाण-पत्र दिया जाता है, जो उनके काम में वैधता प्रदान करता है। यहां तक कि निरक्षर श्रमिकों के लिए भी विशेष सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे कोई भी पीछे न छूटे।सेंटर के ट्रेनिंग ऑफिसर ने यह भी बताया कि फरवरी या मार्च 2026 तक केंद्र का अपना पक्का भवन बनकर तैयार हो जाएगा। इससे प्रशिक्षण क्षमता बढ़ जाएगी और अधिक संख्या में श्रमिक लाभान्वित हो सकेंगे। सोनभद्र जैसे खनन प्रधान जिले में यह कदम श्रमिकों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है, जहां दुर्घटनाओं की घटनाएं अक्सर सुर्खियां बटोरती रहती हैं।जिलाधिकारी बीएन सिंह ने निरीक्षण के बाद सख्त लहजे में निर्देश दिए कि खनन क्षेत्र के सभी श्रमिक ट्रेनिंग जरूर लें। उन्होंने कहा, “प्रशिक्षित श्रमिकों के साथ काम करने से दुर्घटना की गुंजाइश शून्य हो जाती है। प्रशासन ट्रेनिंग के लिए हर संभव सहयोग देगा, चाहे वह संसाधनों की बात हो या प्रचार-प्रसार की।” उन्होंने केंद्र प्रभारी को व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि जिले के हर कोने में खनन श्रमिकों तक यह संदेश पहुंचे।इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी हेमन्त कुमार सिंह, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह, असिस्टेंट ट्रेनिंग ऑफिसर आरपी सिंह, ट्रेनिंग ऑफिसर भीष्म देव पांडेय, ट्रेनिंग स्ट्रक्चर अजय बिहारी सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। यह निरीक्षण न केवल ट्रेनिंग सेंटर की गुणवत्ता सुनिश्चित करने वाला है, बल्कि सोनभद्र के खनन उद्योग में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।

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