राजा हरिश्चंद्र लीला के बाद कृष्ण–सुदामा प्रसंग ने छुआ मन, सत्य-भक्ति और मैत्री का अमर संदेश

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – प्रमोद कुमार

दुद्धी सोनभद्र। स्थानीय तहसील परिसर में चल रहे रासलीला महोत्सव में बुधवार की रात्रि द्वारिकाधीश कृष्ण–सुदामा लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। वृंदावन की रासबिहारी कलाकार मंडली द्वारा प्रस्तुत इस मार्मिक लीला ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
मंचन में भगवान श्रीकृष्ण और उनके सखा सुदामा के बीच अटूट मैत्री, सहज प्रेम, विनम्रता और भक्ति की अद्भुत झलक दिखाई गई। कलाकारों ने संवाद, भाव-भंगिमा और सुमधुर भजनों के माध्यम से यह संदेश दिया कि सच्ची मित्रता में न ऊँच-नीच का भेद होता है, न दरिद्र–समृद्ध का अंतर, बल्कि केवल प्रेम और विश्वास की ही प्रधानता रहती है।
श्री दाऊदयाल उपाध्याय ने कथा प्रसंगों के माध्यम से बताया कि किस प्रकार द्वारिका के महाराज कृष्ण ने दीन–हीन वेश में आए सुदामा को गले लगाकर यह सिद्ध किया कि ईश्वर अपने सरल, सत्यनिष्ठ और भक्तवत्सल प्रेमी को कभी नहीं भूलते। उन्होंने कहा कि यह कथा आज भी समाज को सादगी, संतोष, मित्रता, सेवा और भक्ति के पथ पर चलने की प्रेरणा देती है।
रासलीला के प्रथम पूजन के दौरान कमेटी अध्यक्ष एवं माँ भारती जन सेवा ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी अनिल कुमार हलवाई सहित संघ पदाधिकारियों द्वारा सम्मानित बंधुओं को सम्मानित भी किया ।
इस अवसर पर व्यापार मंडल अध्यक्ष अमरनाथ जायसवाल,पूर्व महामंत्री आलोक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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