एआई के युग में साइबर जागरूकता का महाअभियान: ‘सेफर इंटरनेट डे–2026’ पर कलेक्ट्रेट से आईटीआई तक गूंजा डिजिटल सुरक्षा का संदेश

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र, 10 फरवरी 2026: डिजिटल दुनिया के खतरे बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। इसी संकल्प के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार और उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर सोमवार को जनपद में ‘Safer Internet Day–2026’ धूमधाम से मनाया गया। कलेक्ट्रेट सभागार, राजकीय पॉलिटेक्निक सोनभद्र और आईटीआई दुद्धी में आयोजित जिला स्तरीय कार्यशालाओं ने अधिकारियों, कर्मचारियों व छात्रों को एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के दौर में सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की बारीकियां सिखाईं। इस वर्ष की थीम ‘Smart Tech, Safe Choices’ ने स्मार्ट तकनीक के साथ सुरक्षित विकल्प चुनने पर जोर दिया।अपर जिलाधिकारी का जोरदार संदेश: डिजिटल सशक्तिकरण जरूरीकार्यशालाओं का उद्घाटन अपर जिलाधिकारी न्यायिक ने किया। उन्होंने कहा, “कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीकों का सकारात्मक व सुरक्षित उपयोग ही विकास की असली गति है। आज के दौर में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं – पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश में ही 1.5 लाख से अधिक ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले दर्ज हुए। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम सरकारी कार्मिकों, छात्रों व आमजन को डिजिटल रूप से सशक्त बनाते हैं, जिससे डिजिटल इंडिया के लक्ष्य सुरक्षित ढंग से हासिल होंगे।”विशेषज्ञों ने सिखाए व्यावहारिक उपायएनआईसी सोनभद्र के सहयोग से आयोजित इन कार्यशालाओं में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (DIO) निजामुद्दीन अंसारी ने साइबर सुरक्षा के गुर बताए। उन्होंने कहा, “फिशिंग, फेक न्यूज और एआई-जनरेटेड डीपफेक से सावधान रहें। मजबूत पासवर्ड, दो-चरणीय सत्यापन और संदिग्ध लिंक न खोलना ही बचाव है।” ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर दिव्यतोष मिश्रा ने वित्तीय साइबर अपराधों पर फोकस किया- “UPI फ्रॉड में 70% मामले OTP शेयरिंग से होते हैं। कभी OTP न शेयर करें, और ऐप अपडेट रखें।” डाटा एनालिस्ट सूर्य प्रकाश ने एआई के जोखिम बताए- “चैटबॉट्स से व्यक्तिगत डेटा न दें, क्योंकि डेटा चोरी का खतरा 40% बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर गोपनीयता सेटिंग्स चेक करें।”छात्रों व अधिकारियों की भारी भागीदारीकलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न विभागों – शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस व राजस्व – के 150 से अधिक जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। वहीं, राजकीय पॉलिटेक्निक में 200 छात्रों ने भाग लिया, जहां प्रधानाचार्य ने कहा, “हमारे छात्र भविष्य के डिजिटल योद्धा हैं।” आईटीआई दुद्धी में 100 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया। कुल मिलाकर 500 से ज्यादा लोगों ने लाभ उठाया। कार्यशालाओं में इंटरएक्टिव सेशन, क्विज और सर्टिफिकेट वितरण भी हुए।डिजिटल साक्षरता का विस्तार: भविष्य की योजनाएंजिला प्रशासन के अनुसार, यह अभियान डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने का हिस्सा है। आने वाले महीनों में स्कूलों व पंचायतों में और कार्यशालाएं होंगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि हर विभाग में साइबर सेल बने। इससे न केवल अपराध रुकेंगे, बल्कि भारत को साइबर-सुरक्षित राष्ट्र बनाने में योगदान मिलेगा।‘Safer Internet Day’ विश्व स्तर पर मनाया जाता है, जो 2004 से चला आ रहा है। भारत में यह डिजिटल इंडिया से जुड़कर लाखों लोगों तक पहुंच रहा है। सोनभद्र जैसे दूरस्थ जिलों में भी अब डिजिटल जागरूकता की लहर उठ रही है।

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