चोपन गौशाला में सरप्राइज रेड’! डीएम के अचानक धावे से मचा हड़कंप, लापरवाही पर कड़ा एक्शन का अल्टीमेटम

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तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र – विशेष रिपोर्ट
शनिवार को सोनभद्र जिले में प्रशासनिक सख्ती उस वक्त चरम पर दिखी, जब जिलाधिकारी बी.एन. सिंह बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे चोपन स्थित वृहद गौ संरक्षण केंद्र पहुंच गए। डीएम के अचानक निरीक्षण से पूरे गौशाला परिसर में हड़कंप मच गया। कर्मचारी और अधिकारी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को लेकर इधर-उधर भागते नजर आए और कुछ ही पलों में माहौल पूरी तरह बदल गया।
औपचारिकता नहीं, जमीनी सच्चाई की पड़ताल
यह निरीक्षण सिर्फ खानापूर्ति नहीं था। जिलाधिकारी ने हर छोटी-बड़ी व्यवस्था को खुद मौके पर जाकर परखा। पशुओं के लिए चारा और भूसे की उपलब्धता, स्वच्छ पेयजल, शेड की हालत, साफ-सफाई, और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति—हर पहलू को बारीकी से जांचा गया।
निरीक्षण के दौरान कई जगह व्यवस्थाओं में खामियां सामने आईं, जिस पर डीएम का रुख सख्त नजर आया। उन्होंने मौके पर ही जिम्मेदार अधिकारियों को फटकार लगाई और स्पष्ट कर दिया कि लापरवाही अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी।
गौशाला में लापरवाही मिली तो सीधा एक्शन”
डीएम ने दो टूक कहा कि गौ संरक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसमें किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही करने वालों के खिलाफ सीधे कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जिम्मेदारी तय होगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
दिए गए सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए—
पशुओं को समय पर संतुलित और पर्याप्त आहार उपलब्ध कराया जाए
स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था हर समय सुनिश्चित हो
शेड की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए
पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए
बीमार पशुओं के लिए अलग से समुचित देखभाल की व्यवस्था हो
सफाई व्यवस्था पर नाराजगी
गौशाला परिसर में गंदगी को लेकर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि साफ-सफाई में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि नियमित सफाई, कचरा निस्तारण और सैनिटेशन को प्राथमिकता पर रखा जाए। अब रोज होगी निगरानी
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौशाला का नियमित निरीक्षण किया जाए और व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो। किसी भी समस्या या कमी की सूचना तत्काल उच्च अधिकारियों को दी जाए, ताकि समय रहते समाधान किया जा सके।गौ संरक्षण पर सख्त संदेश
डीएम ने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा गौ संरक्षण के लिए उपलब्ध कराए गए संसाधनों का पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि किसी भी स्तर पर अनदेखी या लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।

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