जलजीवन मिशन परियोजना फ्लॉप फाइलों में कैद भीषण गर्मी में नही टपका गाँवों में नल से जल

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – विजय सोनी

प्रधानों और कार्यदायी संस्था की साँठ गाँठ से बनवा लिए गए फाइनल कार्य सर्टिफिकेट

बीजपुर(सोनभद्र)झीलों खम्हरिया बीजपुर में फ्लॉप जलजीवन मिशन परियोजना अब फाइलों में कैद होने लगी है।इस भीषण गर्मी में जब कुंए जबाब दे दिए हो हैंडपंप सुख रहे हों फिर भी सैकड़ों गाँवों में नल से जल टपका नही उसके बाद भी कार्यदायी संस्था तथा ग्राम प्रधानों की मिली भगत से पेयजल सप्लाई सर्टिफिकेट बनवा कर संस्था अपनी पीठ ठोक रही है।पिछले पाँच साल से करोड़ों रुपए की लागत से बन रही महत्वाकांक्षी जलजीवन परियोजना भारत सरकार को भले ही प्रचार प्रसार के लिए एक बड़ी उपलब्धि हो लेकिन ग्रामीणों के लिए महज लॉलीपाप सावित हुई है।जनचर्चा के अनुसार ठेकेदार और कार्यदायी संस्था के बीच बना सिंडिकेट यह लूट का कारोबार बना हुआ है।हलाकि कुछ वर्षों बाद यह कबाडियों के जीवकोपार्जन का मुख्य सहारा बन जाएगी।जलापूर्ति के लिए इस योजना में शामिल लगभग अधिकांश ग्राम पंचायतों में सम्पूर्ण पेयजल सप्लाई प्रमाण-पत्र बनवा लिया गया है।अब कार्यदायी संस्था कार्य को मेन्टिनेंश में डाल कर आधी अधूरी पड़ी परियोजना के को बंद कर देगी।जब कि ग्रामीणों की माने तो कुछ गाँवों के खास टोले में कभी कभी छोड़ कर एक बूंद पानी सप्लाई नही हुई।जानकारी के अनुसार लगभग एक सौ से अधिक गाँवों में हजारों मीटर अभी तक खुदाई करा कर पाइप लाइन तक नही पहुचाई गयी है।जनचर्चा पर गौरकरें तो परियोजना पूरी तरह से दलालों चाटुकारों और भृष्टएजेंसी की भेंट चढ़ चुकी है।कई स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित सेटिंग गेटिंग कर संस्था को जेसीवी मशीन तथा प्राइवेट वाहन को रेन्ट पर लगा कर लूट खसोट में भागीदार बने हुए हैं इस लिए परियोजना के ठेकेदार रात दिन दीमक की तरह इस योजना को चाट रहे हैं।बताया गया कि नेमना झीलों सिरसोती करमघट्टी पिपरहार डुमरहर जिगन्हवा लीलाडेवा अरझट जरहा रजमिलान महुली बीजपुर डोडहर आदि लगभग 50 से अधिक गाँवों में पाइप लाइन तक नही बिछाई गयी बावजूद निजी स्वार्थ में गाँव के प्रधानों से सर्टिफिकेट जारी करा लिया गया।हलाकि जब कुछ प्रधानों से बात की गई तो बताया गया कि कार्यदायी संस्था के दबाव में प्रमाण-पत्र जारी करना पड़ा था फाइल से अपना पेपर निकाल लिया गया है।सरकार की महत्वाकांक्षी जलजीवन परियोजना के अधूरे कार्य के बावजूद अगर कार्य पूरा दिखा कर सर्टिफिकेट बांट दिया गया है तो समझ लीजिए अमृतकाल के दौर में गाँवों के विकास कार्य का बंटा धार है और देश जल्द विश्वगुरु बनने के कगार पर है और इससे सरकार की बड़ी बदनामी हो रही है।जीएम जीपीबीआर प्रह्लाद प्रसाद ने कहा कि जिस मजरे में पाइपलाइन योजना छूटी गयी है अब वहाँ सोलर सिस्टम वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा।उधर एडीएम नमामि गंगे सोनभद्र रोहित यादव ने कहा कि अगर किसी गाँव का कोई मज़रा टोला लाभान्वित होने से छूटा है तो जाँच करा कर कार्य कराया जाएगा और गलत तरीके से बनवाए गए प्रमाण-पत्र की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होगी।

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