तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – प्रमोद कुमार
दुद्धी सोनभद्र। स्थानीय तहसील परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का बुधवार को भव्य समापन हुआ। अंतरराष्ट्रीय कथावाचक बाल व्यास मानस जी महाराज के वशिष्ठ वक्तृत्व ने श्रद्धालुओं का हृदय स्पर्श किया और कथा के माध्यम से धर्म, भक्ति तथा मानव जीवन के मूल्यों पर गहन संदेश दिए। समापन में बाल व्यास मानस जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों का वर्णन करते हुए कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह समाज को नैतिकता, सहिष्णुता और आदर्श जीवन की ओर प्रवृत्त करने का उपयुक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि भगवद्भागवतम में निहित शिक्षाएँ आज के सामाजिक पहलुओं परिवारिक संबंधों, संघर्ष समाधान और आध्यात्मिक उत्थान के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं।

कथावाचक ने विशेषकर युवाओं से सच्चाई, करुणा और कर्तव्यनिष्ठा पर टिके रहने का आह्वान किया।
समापन अवसर पर होली भी खेली गई, जिससे वातावरण और उल्लासपूर्ण बन गया। कथावाचक और श्रद्धालु अंत में विदाई के समय भाव-विभोर हो उठे; आयोजकों व श्रद्धालुओं ने भावभीनी मुद्रा में कथावाचक को विदा किया। इस दौरान सनातनी किन्नर अखाड़ा के सोनभद्र महामंडलेश्वर किरण नन्द गिरी भी अपने सहयोगियों के साथ मौजूद रहे। उनके आगमन पर श्रद्धालुओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया और आशीर्वाद लिया।
आरती के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण किया गया, जिससे परिसर में कथा श्रवण और प्रसाद ग्रहण करने वालों की भारी भीड़ देखी गई।आयोजक मंडल अध्यक्ष निरंजन जायसवाल संदीप तिवारी कृष्णा कुमार भोला अग्रहरि राकेश आजाद,सोनू जायसवाल ,मनीष जायसवाल ,ओमकार व अन्य ने मिलकर आयोजन की समुचित व्यवस्था सफल बताई। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन और श्रद्धालुओं के सहयोग के बिना यह आयोजन संभव नहीं था। स्थानीय प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा व व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया था, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। अंत में आयोजक मंडल ने सहयोगियों व स्थानीय जनता का धन्यवाद व्यक्त किया।






