तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र। देश की ऊर्जा राजधानी कहे जाने वाले सोनभद्र को विकास के नए शिखर पर पहुंचाने की दिशा में शनिवार को महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सर्किट हाउस सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में आकांक्षी जनपद कार्यक्रम तथा सांसद निधि से संचालित विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में नेटवर्क कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवाओं, पर्यटन विकास तथा आधारभूत सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए।बैठक के दौरान मंत्री ने विशेष रूप से उन क्षेत्रों की जानकारी मांगी जहां आज भी मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में संचार व्यवस्था केवल सुविधा नहीं बल्कि विकास का आधार बन चुकी है। दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्रों तक बेहतर नेटवर्क पहुंचाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी जाए ताकि समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
सोनभद्र से भावनात्मक रिश्ता, विकास यात्रा पर जताया गर्व
समीक्षा बैठक में हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि जब वह लगभग आठ वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद के रूप में सोनभद्र से जुड़े थे, तभी से जिले के लोगों के साथ उनका एक विशेष और आत्मीय संबंध स्थापित हुआ। उन्होंने कहा कि यहां की जनता ने जिस विश्वास और स्नेह के साथ उन्हें स्वीकार किया, वह रिश्ता समय के साथ और मजबूत होता गया।
मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध होने के बावजूद सोनभद्र लंबे समय तक विकास की अनेक चुनौतियों से जूझता रहा, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकारों की योजनाओं ने जिले की तस्वीर और तकदीर बदलने का काम किया है।पिछड़े जिले से देश का नंबर-1 आकांक्षी जनपद बनने तक का सफर उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में नीति आयोग द्वारा सोनभद्र को देश के 112 आकांक्षी जिलों में शामिल किया गया था। इसके बाद प्रशासनिक प्रयासों और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। जुलाई 2020 में सोनभद्र ने नीति आयोग की डेल्टा रैंकिंग में देश का पहला स्थान प्राप्त किया और अक्टूबर-दिसंबर 2025 की डेल्टा रैंकिंग में भी शीर्ष स्थान हासिल करते हुए कृषि एवं जल संसाधन क्षेत्र में देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला जिला बना।
मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क एवं रेल संपर्क, बैंकिंग सेवाओं, आवास, स्वच्छता, विद्युत आपूर्ति और हर घर जल जैसी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से जिले के विकास को नई गति मिली है। जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे नवाचारों और योजनाओं के प्रभावी संचालन की भी उन्होंने सराहना की।
37 करोड़ से अधिक की लागत से पूरे हुए 719 विकास कार्य
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2018-19 से 2025-26 के बीच सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस) के तहत 37.80 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 719 विकास कार्य पूर्ण कराए गए हैं। इनमें विद्यालय भवनों का निर्माण, सोलर एवं हाईमास्ट लाइटों की स्थापना, यात्री प्रतीक्षालय, चिकित्सा उपकेंद्रों का सुदृढ़ीकरण, सड़क निर्माण, विद्युतीकरण तथा अन्य सामुदायिक परियोजनाएं शामिल हैं।
मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि जब दूरदर्शी नेतृत्व, प्रभावी प्रशासन और जनभागीदारी एक साथ मिलकर कार्य करते हैं तो बड़े से बड़ा परिवर्तन संभव हो जाता है।
पर्यटन को मिलेगी नई पहचान, शासन को भेजी जाएगी कार्ययोजना
बैठक में पर्यटन विकास को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। हरदीप सिंह पुरी ने जिलाधिकारी चर्चित गौड़ को निर्देशित किया कि सोनभद्र के ऐतिहासिक, धार्मिक, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए समग्र कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी जाए।
उन्होंने कहा कि सोनभद्र में प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम है। यदि इन स्थलों का सुनियोजित विकास किया जाए तो न केवल जिले की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
मेडिकल कॉलेज में संसाधनों और डॉक्टरों की कमी दूर करने के निर्देश स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने राजकीय मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कहा कि आम जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेज में आवश्यक चिकित्सा उपकरणों, आधुनिक संसाधनों और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
साथ ही चिकित्सकों एवं अन्य मानव संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक कर प्रस्ताव तैयार करने और उसे शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को बेहतर उपचार सुविधा मिल सके।
सीएसआर के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को मिला नया बल
मंत्री ने बताया कि मार्च 2025 में पीएलएल के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय मेडिकल कॉलेज सोनभद्र को अत्याधुनिक जीपीएस युक्त एडवांस्ड कार्डियोवैस्कुलर लाइफ सपोर्ट (ACLS) एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई थी। इसके बाद जुलाई 2025 में मोबाइल ब्लड कलेक्शन एवं ट्रांसपोर्टेशन वैन भी प्रदान की गई, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और बेहतर हुई है।
तीरंदाजी में भी चमक रहा सोनभद्र
बैठक के दौरान मंत्री ने जिले में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि तीरंदाजी के क्षेत्र में सोनभद्र को नई पहचान दिलाने के लिए चार पीएसपीबी तीरंदाजी प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन कराया गया तथा खिलाड़ियों को आवश्यक खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई। आज सोनभद्र देश के उभरते हुए तीरंदाजी केंद्रों में अपनी अलग पहचान बना रहा है।
‘मॉडल जिला’ बनाने के लिए समन्वय से करें काम समीक्षा के अंत में केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सोनभद्र निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। इसे देश के एक आदर्श और मॉडल जिले के रूप में विकसित करने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।
बैठक में समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गौड़, घोरावल विधायक डॉ. अनिल कुमार मौर्य, पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता, पूर्व राज्यसभा सांसद रामसकल, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।






