तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र जनपद के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में अस्पतालों में अग्निशमन व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पतालों में आग जैसी आकस्मिक घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक सरकारी चिकित्सालय में अग्निशमन उपकरण पूरी तरह कार्यशील स्थिति में रहें, उनकी नियमित जांच हो तथा जहां उपकरणों की कमी हो, वहां तत्काल नई व्यवस्था कराई जाए।
उन्होंने विद्युत सुरक्षा को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए वायरिंग, विद्युत पैनल और अन्य उपकरणों की समय-समय पर जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पतालों में आपातकालीन निकासी मार्ग (इमरजेंसी एग्जिट) पूरी तरह सुगम और सुरक्षित रखने पर विशेष जोर दिया, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में मरीजों, तीमारदारों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि सभी अस्पतालों में नियमित अंतराल पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाए, जिससे डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और कर्मचारियों को आपदा के समय त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई का प्रशिक्षण मिल सके। उन्होंने कहा कि अग्नि सुरक्षा केवल औपचारिकता नहीं बल्कि मरीजों की जिंदगी से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है, इसलिए सभी विभाग पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
बैठक में मुख्य अग्निशमन अधिकारी राम साहनी, प्रभारी अधिकारी करन सिंह यादव, मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य, एसीएमओ डॉ. गुलाब शंकर यादव तथा स्वास्थ्य एवं अग्निशमन विभाग के अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा आवश्यक कार्यवाही शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए गए।






