तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र। जनपद में चल रहे संचारी रोग नियंत्रण अभियान के बीच खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने ऐसा अभियान चलाया कि नियमों की अनदेखी कर खाद्य सामग्री बेचने वालों में हड़कंप मच गया। सड़कों से लेकर बाजारों तक विभागीय टीम ने ताबड़तोड़ निरीक्षण करते हुए कटे फल, गन्ने का जूस, खुली मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की दुकानों की गहन जांच की। अधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
निरीक्षण के दौरान कई दुकानदारों को खाद्य पदार्थों को खुले में न रखने, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, खाद्य सामग्री को ढककर बेचने तथा प्रतिबंधित रसायनों का प्रयोग नहीं करने के निर्देश दिए गए। टीम ने कहा कि बरसात के मौसम में जरा सी लापरवाही भी संक्रामक रोगों को बढ़ावा दे सकती है, इसलिए खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है।
अभियान के दौरान सबसे बड़ी कार्रवाई थाना कोन क्षेत्र के ग्राम कचनरवा में देखने को मिली, जहां दो अवैध मीट दुकानों पर छापेमारी की गई। जांच में दोनों दुकानों पर बिना खाद्य पंजीकरण और लाइसेंस के मीट बिक्री किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत दोनों कारोबारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में बिना लाइसेंस कारोबार करते पाए जाने पर और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने दो टूक कहा कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान के दौरान पूरे जनपद में इसी तरह लगातार छापेमारी, निरीक्षण और प्रवर्तन की कार्रवाई जारी रहेगी। उद्देश्य केवल एक है—जनता की थाली तक सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंचाना तथा नियम तोड़ने वालों पर सख्त शिकंजा कसना। अब खाद्य कारोबारियों को नियमों का पालन करना ही होगा, वरना विभाग की कार्रवाई से बच पाना आसान नहीं होगा।






