तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने अवैध शराब के कारोबार पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक ट्रेलर से करीब 25 लाख रुपये कीमत की नकली शराब बनाने की सामग्री बरामद कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद सामान देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। ट्रेलर में इतनी सामग्री थी कि उससे बड़ी मात्रा में नकली शराब तैयार कर उसे नामी-गिरामी कंपनियों के नाम से बाजार में उतारा जा सकता था।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र के बट्ट गांव स्थित मामा ढाबा परिसर में खड़ा एक ट्रेलर संदिग्ध है और उसमें अवैध शराब बनाने का सामान लदा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से पूरी कार्रवाई की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग करते हुए ट्रेलर की विधिक तलाशी ली।
तलाशी के दौरान ट्रेलर से 600 लीटर रेक्टिफाइड स्पिरिट, 46 किलोग्राम कैरेमल, फ्लेवरिंग एसेंस, यूनाइटेड स्पिरिट ब्रांड के 160 पैकिंग टेप तथा करीब 36 हजार विभिन्न आकार की खाली कांच की शराब की शीशियां बरामद हुईं। इसके अलावा पूरा ट्रेलर भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया। बरामद सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई गई है।
मौके से गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान हरिओम पंवार और दिनेश पंवार के रूप में हुई है, जो हरियाणा के झज्जर जिले के निवासी हैं। पूछताछ में दोनों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। आरोपियों ने बताया कि शराब बनाने की सामग्री पंजाब के खन्ना (लुधियाना) से लोड की गई थी और इसे बिहार-झारखंड सीमा के हरिहरगंज क्षेत्र पहुंचाया जाना था। वहां इस स्पिरिट, कैरेमल और एसेंस को मिलाकर नकली शराब तैयार की जाती थी। इसके बाद प्रसिद्ध शराब कंपनियों जैसी पैकिंग और बोतलों में भरकर उसे असली शराब बताकर बिहार में ऊंचे दामों पर बेचा जाता था।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। ट्रांसपोर्ट के लिए फर्जी बिल्टी और नकली दस्तावेज तैयार किए जाते थे ताकि जांच एजेंसियों को गुमराह किया जा सके। गिरोह के सरगना अलग-अलग वाहनों में एक ही पंजीकरण संख्या का इस्तेमाल कर तस्करी करवाते थे। पूरे नेटवर्क का संचालन मोबाइल और व्हाट्सएप कॉल के जरिए होता था, जबकि रास्ते के खर्च और टोल टैक्स के लिए ऑनलाइन भुगतान कराया जाता था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम और बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड और अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर नकली शराब के इस अंतर्राज्यीय नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
यह कार्रवाई अवैध शराब के कारोबार पर पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है। समय रहते खेप पकड़े जाने से बड़ी मात्रा में नकली शराब बाजार तक पहुंचने से पहले ही जब्त कर ली गई, जिससे लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाले गिरोह की बड़ी साजिश नाकाम हो गई।






