तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र। ऊर्जा नगरी के रूप में अपनी पहचान रखने वाला सोनभद्र अब आर्थिक विकास के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छूता नजर आ रहा है। जिले की अर्थव्यवस्था ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में उल्लेखनीय छलांग लगाते हुए 12.10 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की है। यही नहीं, जिले का सकल जिला घरेलू उत्पाद (जीडीपी) बढ़कर 46,929 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5,084 करोड़ रुपये अधिक है। इन आंकड़ों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सोनभद्र तेजी से उत्तर प्रदेश की ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में अपनी मजबूत भागीदारी निभा रहा है।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला वन ट्रिलियन डॉलर (ओटीडी) सेल की समीक्षा बैठक में विकास के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिले के आर्थिक प्रदर्शन, उत्पादन क्षमता, निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने बताया कि वर्ष 2024-25 में जिले का सकल घरेलू उत्पाद 46,929 करोड़ रुपये रहा, जबकि वर्ष 2023-24 में यह 41,845 करोड़ रुपये था। एक वर्ष में 5,084 करोड़ रुपये की वृद्धि यह दर्शाती है कि जिले में कृषि, उद्योग, ऊर्जा और सेवा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां लगातार मजबूत हो रही हैं।प्रदेश की अर्थव्यवस्था में भी बढ़ा सोनभद्र का योगदान
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद में सोनभद्र की हिस्सेदारी 1.55 प्रतिशत दर्ज की गई है। वहीं जिले की प्रति व्यक्ति आय 1,69,563 रुपये रही, जो उत्तर प्रदेश की औसत प्रति व्यक्ति आय से अधिक है। इसे जिले की आर्थिक मजबूती और बेहतर विकास का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
कृषि से उद्योग तक हर क्षेत्र की हुई समीक्षा
बैठक में प्राथमिक क्षेत्र के अंतर्गत कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा वन विभाग की योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक खेती को बढ़ावा देने, बागवानी एवं पशुपालन गतिविधियों का विस्तार करने तथा प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
औद्योगिक विकास पर विशेष फोकस
द्वितीयक क्षेत्र की समीक्षा के दौरान औद्योगिक इकाइयों के पंजीकरण, विद्युत उपभोग, औद्योगिक निवेश और स्थानीय निकायों द्वारा भवन मानचित्र स्वीकृति की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। पिछले दो वर्षों में भवन मानचित्र स्वीकृतियों में आई गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित विभागों को प्रक्रिया में तेजी लाने और निवेशकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
व्यापार और सेवा क्षेत्र को मिलेगी नई गति
तृतीयक क्षेत्र के अंतर्गत जीएसटी संग्रह, व्यापारिक प्रतिष्ठानों के पंजीकरण, होटल उद्योग, वाहन पंजीकरण, बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए आर्थिक गतिविधियों को और अधिक गति देने पर जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि निवेश, रोजगार और व्यापार को बढ़ावा देने वाले सभी कार्यों में तेजी लाई जाए ताकि जिले की आर्थिक विकास दर लगातार बनी रहे।
ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी में अहम भूमिका निभाएगा सोनभद्र
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में सोनभद्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऊर्जा उत्पादन, खनिज संपदा, औद्योगिक आधार और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध यह जिला प्रदेश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख केंद्र बन सकता है। इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने और तय समय सीमा में लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी विभागों ने आर्थिक विकास से जुड़े सूचकांकों में और अधिक सुधार लाने तथा जिले को प्रदेश के अग्रणी विकासशील जिलों में शामिल करने के लिए समन्वित प्रयास करने का भरोसा दिलाया






