तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – प्रमोद कुमार
दुद्धी सोनभद्र।जनपद के कोन थाना क्षेत्र के पिंडारी गांव में करैत सांप के काटने से सात वर्षीय बच्ची खुशी की मौत हो गई। परिजनों द्वारा समय पर चिकित्सकीय उपचार के बजाय झाड़-फूंक कराने के कारण बच्ची की जान चली गई।
परिजनों के अनुसार, खुशी पुत्री ललन बीती रात भोजन के बाद अपनी नानी के साथ घर पर जमीन पर सो रही थी। देर रात करीब 1 बजे बिस्तर में घुसे करैत सांप ने उसकी पीठ और गर्दन पर दो बार काट लिया। बच्ची ने उठकर अपनी नानी को बताया, जिसके बाद परिजन घबरा गए।
घबराहट में परिजन बच्ची को घर से करीब आधा किलोमीटर दूर गांव में मौजूद एक झाड़-फूंक करने वाले के पास ले गए। बताया गया है कि झाड़-फूंक का यह सिलसिला लगभग चार घंटे तक चला। सुबह करीब 5 बजे बच्ची की मृत्यु हो गई।
घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा भरा और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी भेज दिया। बच्ची के पिता ललन ने बताया कि तेज घबराहट और घर पहाड़ी क्षेत्र में होने के कारण वे कुछ समझ नहीं पाए और झाड़-फूंक कराते रहे, जिससे चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाई।
खुशी तीन बहनों में सबसे बड़ी थी और कक्षा दो की छात्रा थी। बच्ची की मौत से परिवार सहित पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों में डर और भय भी व्याप्त है। वे प्रशासन से जागरूकता अभियान चलाने और त्वरित आपात-चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।
बता दे कि यह घटना क्षेत्र में बढ़ती सर्पदंश की घटनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच की कमी को उजागर करती है।
स्थानीय लोगों ने ग्रामीण परिवारों से अपील की है कि बरसात के मौसम में सांप के काटने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल से संपर्क करें।
उन्होंने झाड़-फूंक जैसे उपचार में फंसने के बजाए तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने को कहां ,ताकि समय पर समुचित इलाज मिल सके ।






