तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में रविवार का दिन सोनभद्र के लिए ऐतिहासिक बन गया। प्रदेशव्यापी वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के तहत जनपद में रिकॉर्ड स्तर पर 1 करोड़ 67 लाख से अधिक पौधों के रोपण का लक्ष्य लेकर वृहद अभियान चलाया गया। इस अभियान की सबसे खास पहल रही जिले की छह बंजर पहाड़ियों को हरियाली की चादर ओढ़ाने की अनूठी योजना, जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया।
प्रदेश सरकार के महाअभियान के तहत सोनभद्र ने सिर्फ पौधे लगाने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि भविष्य की हरित विरासत तैयार करने का संकल्प लिया। वर्षों से सूनी और वीरान पड़ी पहाड़ियों पर अब लाखों पौधे लगाए जा रहे हैं, जिससे आने वाले वर्षों में ये क्षेत्र घने जंगलों और प्राकृतिक सौंदर्य के नए केंद्र के रूप में विकसित होंगे।
चोपन विकासखंड के ग्राम जुगैल स्थित अंबेडकर पहाड़ी पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड, जिलाधिकारी चर्चित गौड़, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने पौधरोपण कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। करीब 10 बीघा भूमि पर पौधे रोपकर अभियान की शुरुआत की गई।
इस अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड ने कहा कि तेजी से बढ़ती आबादी और लगातार घटते जंगल मानव अस्तित्व के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। यदि प्रकृति को सुरक्षित रखना है तो प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण के साथ-साथ उसकी देखभाल का भी संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि वृक्ष ही मानव जीवन के सच्चे रक्षक हैं, जो बिना किसी भेदभाव के सभी को ऑक्सीजन, फल, छाया और जीवन प्रदान करते हैं।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि इस बार वृक्षारोपण अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम न बनाकर जन आंदोलन का स्वरूप दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिले की छह प्रमुख बंजर पहाड़ियों—जुगैल की अंबेडकर पहाड़ी, चोपन के पनारी की जुड़वानी पहाड़ी, घटिहटा की गड़ई पहाड़ी, म्योरपुर के रासपहरी की रास पहाड़, गंभीरपुर की सरहद पहाड़ी तथा दुद्धी के नगवा की भवरहवा पहाड़ी—पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण कराया जा रहा है। आने वाले वर्षों में यही पहाड़ियां घने हरित आवरण से ढककर सोनभद्र की नई पहचान बनेंगी।
उन्होंने कहा कि पौधारोपण तभी सफल माना जाएगा जब लगाए गए पौधों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए। प्रशासन ने इसके लिए विभिन्न विभागों, ग्राम पंचायतों और स्थानीय लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की है ताकि पौधों की नियमित देखभाल हो सके।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक दृश्य उस समय देखने को मिला जब पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए ‘पौधों की बारात’ निकाली गई। बैंड-बाजों और उत्साह के बीच निकली इस अनूठी बारात ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इसके साथ ही ग्रामीणों और उपस्थित नागरिकों को आम, अमरूद सहित विभिन्न फलदार पौधे वितरित किए गए और उन्हें अपने घरों एवं खेतों के आसपास पौधे लगाने तथा उनकी सुरक्षा करने की शपथ दिलाई गई।
वहीं, मंडलायुक्त राजेश प्रकाश ने म्योरपुर के आश्रम मोड़ के समीप आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए पौधे लगाए। उनके साथ भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता भी मौजूद रहे। सदर विधायक भूपेश चौबे ने चुर्क और रामगढ़ क्षेत्र में पौधरोपण कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया। घोरावल विधायक डॉ. अनिल कुमार मौर्य ने घोरावल रेंज के बेरदिया स्थित ग्राम वन वाटिका में एक हजार चिरौंजी के पौधों का रोपण कराया।
जनपद के सभी विकासखंडों, ग्राम पंचायतों, विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर एक साथ पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। हजारों की संख्या में लोगों ने पौधे लगाए और प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया। प्रशासन का लक्ष्य केवल पौधारोपण करना नहीं बल्कि आने वाले वर्षों में सोनभद्र को प्रदेश के सबसे हरित जनपदों में शामिल करना है।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी हेमंत कुमार सिंह, डीसी मनरेगा रविंद्र वीर सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह, ग्राम प्रधान जुगैल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।





