तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र की मारकुंडी घाटी रविवार को एक दर्दनाक घटना की वजह से चर्चा का केंद्र बन गई। घाटी की गहरी खाई में एक महिला और पुरुष के सड़े-गले शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना जंगल की आग की तरह फैलते ही घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस भी तत्काल मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया।
बताया जा रहा है कि सुबह घाटी से गुजर रहे कुछ लोगों को खाई की ओर से तेज दुर्गंध महसूस हुई। जब लोगों ने नीचे झांककर देखा तो गहरी खाई में दो शव पड़े दिखाई दिए। सूचना मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया और पुलिस को तत्काल सूचना दी गई।
गुरमा पुलिस चौकी प्रभारी श्रीप्रकाश अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दुर्गम और गहरी खाई होने के कारण शवों तक पहुंचना आसान नहीं था। काफी मशक्कत और बचाव अभियान के बाद पुलिस ने दोनों शवों को बाहर निकलवाया। शव कई दिनों पुराने होने के कारण बुरी तरह सड़-गल चुके थे, जिससे उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो रहा था।
स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि मृतक सलखन निवासी बलवंत और उनकी पत्नी हैं, जो पिछले कई दिनों से घर नहीं लौटे थे। इसके बाद पुलिस ने परिजनों को बुलाकर पहचान की प्रक्रिया पूरी कराई। प्रारंभिक स्तर पर दोनों की पहचान बलवंत और उनकी पत्नी के रूप में हुई है।
पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस हर पहलू से जांच में जुट गई है। सड़क दुर्घटना, आत्महत्या अथवा किसी अन्य कारण से हुई मौत—सभी संभावनाओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है।चोपन थाना प्रभारी गोपाल जी गुप्ता ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा है कि दंपति बाइक से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान मारकुंडी घाटी के मोड़ पर बाइक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना सुनसान स्थान पर होने और खाई काफी गहरी होने के कारण कई दिनों तक किसी की नजर शवों पर नहीं पड़ी।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देश पर पूरे मामले की गहन जांच कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। यदि जांच में कोई अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर मारकुंडी घाटी की खतरनाक बनावट और वहां होने वाले हादसों की याद ताजा कर दी है। स्थानीय लोगों ने घाटी में सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम, चेतावनी संकेत और बैरिकेडिंग मजबूत किए जाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।





