चकबंदी वाले किसानों को बड़ी राहत बिना फार्मर आईडी भी मिलेगा डीएपी-यूरिया, जिलाधिकारी ने जारी किए नए निर्देश

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र। जनपद के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। चकबंदी और सर्वे कार्य के चलते फार्मर आईडी नहीं बन पाने से उर्वरक लेने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष व्यवस्था लागू की है। अब ऐसे किसान, जिनकी फार्मर आईडी तकनीकी अथवा राजस्व संबंधी कारणों से तैयार नहीं हो सकी है, वे प्रमाणित खतौनी और आधार कार्ड के आधार पर सहकारी समितियों एवं अधिकृत उर्वरक बिक्री केंद्रों से निर्धारित मानकों के अनुसार डीएपी और यूरिया प्राप्त कर सकेंगे।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि शासन की व्यवस्था के तहत मई 2026 से उर्वरक वितरण, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसल खरीद तथा कृषि विभाग की सभी लाभार्थीपरक योजनाओं में किसान पहचान पत्र (फार्मर आईडी) और फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य किया गया है। लेकिन जिन गांवों में चकबंदी अथवा सर्वेक्षण की प्रक्रिया चल रही है, वहां अनेक किसानों की फार्मर आईडी अभी तक तैयार नहीं हो सकी है। ऐसे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था लागू की गई है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि चकबंदी प्रभावित राजस्व ग्रामों के सहकारी समिति के सदस्य किसान संबंधित लेखपाल से प्रमाणित खतौनी प्राप्त कर आधार कार्ड के साथ निकटतम सहकारी समिति अथवा अधिकृत उर्वरक बिक्री केंद्र पर प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद उन्हें शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार प्रति हेक्टेयर अधिकतम 5 बैग डीएपी और 7 बैग यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि जिन किसानों की फार्मर आईडी तो बन चुकी है, लेकिन उसमें भूमि का अंश निर्धारण (शेयर निर्धारण) नहीं हुआ है, वे भी प्रमाणित खतौनी, फार्मर आईडी और आधार कार्ड प्रस्तुत कर उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं। वहीं जिन किसानों की फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है और वे सहकारी समिति के सदस्य भी नहीं हैं, उनके लिए भी राहत दी गई है। ऐसे किसान शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निजी क्षेत्र के अधिकृत उर्वरक विक्रेताओं से नियमानुसार उर्वरक खरीद सकेंगे।
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे फार्मर आईडी, फार्मर रजिस्ट्री और अन्य आवश्यक दस्तावेज जल्द से जल्द पूर्ण करा लें, ताकि भविष्य में उर्वरक वितरण, एमएसपी पर खरीद तथा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त किया जा सके।प्रशासन का कहना है कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी पात्र किसान को केवल तकनीकी कारणों से उर्वरक से वंचित नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।

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