सोनभद्र विकास की नई उड़ान, डीएमएफ से करोड़ों की परियोजनाओं को मिली हरी झंडी

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र। जनपद के खनिज प्रभावित क्षेत्रों के विकास को नई रफ्तार देने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) की शासी परिषद की बैठक में कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, सड़क, सिंचाई, जल निकासी, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और गोसंरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं को मंजूरी देते हुए सोनभद्र के समग्र विकास का व्यापक रोडमैप तैयार किया गया। इन योजनाओं के लागू होने से जिले के हजारों ग्रामीणों, किसानों, विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने खनिज प्रभावित क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विभागों की कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में तय किया गया कि जिले के सरकारी अस्पतालों और राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके।
शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े फैसले लिए गए। परिषदीय एवं माध्यमिक विद्यालयों में नए भवनों का निर्माण, अतिरिक्त कक्ष, आधुनिक प्रयोगशालाएं, शौचालय, चहारदीवारी तथा अनुरक्षण कार्य कराए जाएंगे। इन योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध होगा।
बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण ओबरा में खनन प्रशिक्षण विद्यालय की स्थापना को मिली स्वीकृति रही। यह संस्थान स्थानीय युवाओं को आधुनिक तकनीक से खनन संबंधी प्रशिक्षण देकर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराएगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक मिनी स्टेडियम विकसित किए जाएंगे, जिससे खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा और ग्रामीण युवाओं को खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
ग्रामीण आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने के लिए दुर्गम क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया और संपर्क मार्गों का निर्माण कराया जाएगा। नगर क्षेत्रों में वैज्ञानिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित कर जलभराव की पुरानी समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।
कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए किसानों की सिंचाई व्यवस्था सुधारने हेतु विभिन्न स्थानों पर चेकडैम बनाए जाएंगे। वहीं स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से ऑयलसीड प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की जाएगी, जिससे ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।
बैठक में बेसहारा गोवंश की समस्या के समाधान के लिए बड़े गोसंरक्षण केंद्र विकसित करने का निर्णय भी लिया गया। इसके अलावा धार्मिक और पर्यटन स्थलों के विकास को प्राथमिकता देते हुए मंगलेश्वर महादेव मार्ग तथा सलखन फॉसिल पार्क तक बेहतर संपर्क मार्ग विकसित किए जाएंगे। इन मार्गों के किनारे व्यापक वृक्षारोपण कर पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की जाएगी।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि डीएमएफ की धनराशि का उपयोग केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, खेल, पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि खनिज प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को विकास का प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
बैठक में सांसद छोटेलाल खरवार, विधान परिषद सदस्य विनीत सिंह, विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, अपर जिलाधिकारी वगीश कुमार शुक्ला, वरिष्ठ कोषाधिकारी इन्द्रभान सिंह, ज्येष्ठ खान अधिकारी कमल कश्यप सहित जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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