सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट का मामला पहुंचा देश के सर्वोच्च स्तर तक, राष्ट्रपति समेत सात प्रमुख संस्थाओं को भेजा गया ज्ञापन

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र। सोशल मीडिया पर कथित रूप से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री प्रसारित किए जाने के आरोप को लेकर अब मामला राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया है। सूचना का अधिकार कार्यकर्ता एसोसिएशन (पंजीकृत), सोनभद्र के जिलाध्यक्ष अमान खान ने इस प्रकरण में राष्ट्रपति सहित देश की सात प्रमुख संवैधानिक एवं वैधानिक संस्थाओं को स्पीड पोस्ट के माध्यम से विस्तृत ज्ञापन भेजकर निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
संगठन का कहना है कि हाल के दिनों में कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और डिजिटल माध्यमों पर इस्लाम धर्म, पवित्र कुरआन, पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम), उम्मुल मोमिनीन हजरत आयशा (रज़ियल्लाहु अन्हा) तथा मुस्लिम समुदाय से संबंधित कथित रूप से आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री साझा की गई है। ज्ञापन में दावा किया गया है कि ऐसी सामग्री से धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं और समाज में आपसी भाईचारा एवं सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हो सकती है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि पूरे मामले की साइबर विशेषज्ञों की निगरानी में उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। जिन सोशल मीडिया अकाउंट, पेज या डिजिटल चैनलों से कथित रूप से विवादित सामग्री प्रसारित हुई है, उनकी तकनीकी जांच कर वास्तविक संचालकों की पहचान की जाए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
संगठन ने यह भी अनुरोध किया है कि सोशल मीडिया पर उपलब्ध कथित आपत्तिजनक सामग्री को तत्काल हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाए तथा भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) और अन्य साइबर जांच एजेंसियों की मदद से पूरे नेटवर्क की जांच कर भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी धर्म, आस्था या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री पर समय रहते कार्रवाई होना आवश्यक है, ताकि सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनी रहे।
एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अमान खान ने बताया कि इस संबंध में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तथा भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) को स्पीड पोस्ट के माध्यम से अलग-अलग ज्ञापन भेजे गए हैं। उन्होंने संबंधित संस्थाओं से मामले का गंभीरता से संज्ञान लेने, निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
नोट: इस समाचार में उल्लिखित आरोप ज्ञापन भेजने वाले संगठन द्वारा लगाए गए हैं। समाचार लिखे जाने तक संबंधित सोशल मीडिया खातों, आरोपित पक्ष अथवा संबंधित सरकारी संस्थाओं की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई थी। मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित एजेंसियों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

Leave a Comment