तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र
जनपद में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण और यातायात नियमों की लगातार हो रही अनदेखी के खिलाफ सोनभद्र पुलिस ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों में वाहनों की गहन जांच कर कुल 620 अवैध ध्वनि उपकरण जब्त किए गए। इनमें 70 मॉडिफाइड साइलेंसर, 450 प्रेशर हॉर्न और 100 हूटर शामिल रहे। जब्त किए गए सभी उपकरणों को बढ़ौली चौराहे पर सार्वजनिक रूप से नष्ट कर यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि कानून तोड़ने वालों के लिए अब किसी प्रकार की ढील नहीं होगी।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ समय से मॉडिफाइड साइलेंसर और तेज आवाज वाले प्रेशर हॉर्न के कारण आम नागरिकों, विद्यार्थियों, बुजुर्गों और मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसके अलावा कई वाहन चालक सड़क पर अश्लील, अभद्र और भड़काऊ गीत तेज आवाज में बजाकर सामाजिक माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे थे। लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यह विशेष अभियान चलाया गया।अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने प्रमुख बाजारों, राष्ट्रीय राजमार्गों, कस्बों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में वाहनों की सघन जांच की। जिन वाहनों में नियमों के विरुद्ध मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर लगे मिले, उन्हें मौके पर ही उतरवाकर जब्त कर लिया गया। इसके बाद बढ़ौली चौराहे पर सभी अवैध उपकरणों को नष्ट कर लोगों के बीच कानून पालन का संदेश दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति हूटर का प्रयोग, प्रेशर हॉर्न लगाना और मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल मोटर वाहन अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। ऐसे वाहनों के खिलाफ आगे भी नियमित रूप से अभियान चलाया जाएगा और नियम तोड़ने वालों पर जुर्माने के साथ-साथ अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
साथ ही वाहन चालकों को चेतावनी दी गई कि सार्वजनिक स्थानों पर तेज आवाज में अश्लील, अभद्र या भड़काऊ गाने बजाने से बचें। यदि भविष्य में कोई ऐसा करते पाया गया तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोनभद्र पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यातायात नियमों का पालन करें, ध्वनि प्रदूषण से बचें और सुरक्षित एवं शांत वातावरण बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। अधिकारियों का कहना है कि जनहित और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा, ताकि जिले में कानून व्यवस्था के साथ-साथ नागरिकों को शांत और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।





