तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – प्रदीप दुबे
ग़ाज़ीपुर – उत्तर प्रदेश
मौसमी बीमारियों को नियंत्रित करने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग प्रयासरत है। विभाग टीम भेजकर लोगों को जागरूक कर रहा है वहीं जनपद में इस वर्ष अभी तक डेंगू के 5 मरीजों को चिन्हित किया गया जिनमें से तीन ठीक हो चुके हैं। शेष का इलाज जारी है।
एसीएमओ एवं नोडल अधिकारी डॉ डीपी सिन्हा ने बताया कि जनपद में डेंगू के संभावित मरीजों की लगातार जांच की जा रही है, जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है उसका ब्लड सैंपल वाराणसी बीएचयू भी जांच को भेजा जा रहा है। वाराणसी से हुई जांच और उसकी रिपोर्ट के अनुसार जनपद में अब तक डेंगू के मरीज चिन्हित किए जा चुके हैं। यह मरीज जखनिया के जफरपुर, सदर के नूरपुर, बाराचवर के करीमुद्दीनपुर, सदर के मर्किनगंज, रेवतीपुर के असाव गांव में चिन्हित किए गए हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि इन दिनों जनपद में लगातार विभाग के द्वारा स्रोत विनष्टिकरण के साथ ही पायरेथ्रम का छिड़काव घरों में किया जा रहा है। इसके अलावा नालियों में लारवा साइड और गलियों में फागिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण इलाके में इन सभी कार्यों के लिए जिला पंचायत राज विभाग के द्वारा और नगरपालिका इलाके में नगर पालिका और नगर पंचायत के द्वारा इस कार्य में सहयोग किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि इसके अलावा लोगों को प्रशिक्षित करने का भी काम किया जा रहा है जिससे परिवार को डेंगू से कैसे बचाएं, इसके बारे में जानकारी दी जा रही है। डेंगू पीड़ित के परिवार के लोगों के फीवर एवं मलेरिया की जांच भी कराई जा रही है।
जिला मलेरिया अधिकारी ने अपील की है कि उपरोक्त अभियान में घर-घर जाने वाली सर्वेक्षण टीमों को सहयोग प्रदान करते हुए सही सूचना उपलब्ध कराएं|
ध्यान रखें – घर के अंदर व आस-पास पानी जमा न होने दें। जैसे – कूलर, पानी की टंकी, फूल के गमलों, बेकार पड़े हुए टायरों, प्लास्टिक की बोतलों, नारियल के खोल आदि में जमा पानी में लार्वा पनपता है | अतः इसको रोकने के लिए यह आवश्यक है कि कूलर का पानी समय-समय पर बदल कर साफ करें। पानी की टंकी के ढक्कन को पूरी तरह बंद रखे | निष्प्रयोज्य वस्तुओं, जिनमे पानी जमा हो, को नष्ट कर दें | घर तथा आसपास साफ-सफाई का ध्यान रखे | डेंगू का मच्छर दिन में तथा शरीर के निचले हिस्से में काटता है, अत: यह सलाह दी जाती है कि पूरे शरीर को ढकने वाले कपडे पहनें | सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें | घर में पर्याप्त प्रकाश तथा हवा की व्यवस्था रखें | बीमार होने पर आशा, ए०एन०एम अथवा नजदीकी सवास्थ्य केन्द्रों पर सम्पर्क करें, जहां जाँच एवं उपचार की सभी सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध है |






