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इटावा/ब्यूरो महेंद्र राज शुक्ल
यूपी विधानसभा चुनाव से पहले दिए गए प्रस्ताव और संदेशों पर भतीजे अखिलेश यादव Akhilesh Yadav का अब तक कोई जवाब नहीं मिलने पर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल Shivpal Singh Yadav सिंह का धैर्य डगमगाने लगा है। शहर के पचराहा में एक कार्यक्रम में उन्होंने इसे जाहिर भी किया। समाजवादी पार्टी का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि इंतजार करते-करते थक गए, अब तो युद्ध (विधानसभा चुनाव में) ही होना है, इसलिए अब हम निकल पड़े हैं। अपनी स्थिति की तुलना पांडव से करते हुए कहा कि 12 अक्टूबर को श्रीकृष्ण की कर्मभूमि मथुरा से रथ यात्रा लेकर निकलेंगे।
प्रसपा प्रमुख ने कहा, जिस तरह पांडव ने केवल पांच गांव मांगे थे और पूरा राज्य कौरव के लिए छोड़ दिया था, उसी तरह हमने भी केवल अपने साथियों का सम्मान मांगा था। बोले-मुझे सम्मान दो न दो, हमने तो बहुत कुछ पा लिया है। मंत्री भी रहा, अध्यक्ष भी रहा और अब राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बन गया हूं। पिछले साल 22 नवंबर को कहा था कि अगर कहोगे तो हम चुनाव नहीं लड़ेंगे। मगर, अब तक जवाब नहीं आया। आज भी मैैंने फोन और मैसेज किया था कि बात कर लो, भाजपा को हराने के लिए बात करना जरूरी है, लेकिन अखिलेश यादव की तरफ से जवाब नहीं मिला। हमने तो उन्हें मुख्यमंत्री बनने के लिए भी कह दिया था। आगे कहा कि नेताजी आज भी नहीं चाहते हैं कि मैं अलग रहूं। लखीमपुर खीरी प्रकरण को लेकर उन्होंने कहा कि जिस राज्य में ऐसे मंत्री होंगे, जिन पर हत्या के मुकदमे दर्ज हों तो बताइए वहां क्या हाल होगा।
बताते चलें कि समाजवादी पार्टी को छोड़कर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी की स्थापना करने के बाद शिवपाल यादव कई बार खुले मंच से भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए भतीजे अखिलेश यादव को गठबंधन का प्रस्ताव दे चुके हैं। वहीं सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव Mulayam Singh Yadav की तर्ज पर परिवर्तन रथ यात्रा निकालने की तैयारी की है। इसके लिए भाई मुलायम सिंह यादव और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी आमंत्रित कर चुके हैं लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। इसके चलते ही अब उन्होंने अकेले ही युद्ध पर निकलने की बात कहते हुए 12 अक्टूबर से यात्रा की शुरुआत करने की बात कही है।






