तेज एक्सप्रेस न्यूज़ – संजय प्रसाद
श्री बंशीधर नगर – झारखंड
-अवैध उगाही का दुकान बंद न हो जाए इसलिए अनर्गल आरोप लगा रहे है पूर्व अध्यक्ष –
गढ़वा:- गढ़वा जिला फुटबॉल संघ के चेयरमैन जिनाहुद्दीन खान ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि जो खुद स्वयं घोटाला में लिप्त है,भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबा हुआ है, उसके मुँह से यह कहना है कि मैं गलत हूँ, शोभा नहीं देता। उनका किसी भी खेल में कोई रुचि नहीं है, बल्कि वे अपना स्पोर्ट्स का दुकान चलाने के लिए ओलंपिक संघ, एथेलेटिक्स संघ, व पूर्व में फुटबॉल संघ सहित कई खेल संघों में पदाधिकारी बन कुंडली मारे बैठे हुए हैं। ताकि स्पोर्ट्स की दुकान की आड़ में घोटाले पर घोटाला करते रहें। आलोक मिश्रा द्वारा राज्य एथेलेटिक्स संघ की आड़ में कई फर्जी सर्टिफिकेट हजारों रुपये लेकर उचित खिलाड़ियों के बदले दूसरे को दे दिया गया।समय आने पर उसे उजागर किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एक तरफ पूर्व अध्यक्ष आलोक मिश्रा मुझ पर रुपये हड़पने का आरोप लगाते हैं वहीं दूसरी तरफ पत्रकारों को अपने दिये बयान में यह खुद स्वीकार कर कहते हैं कि 2019 में स्टेट द्वारा टूर्नामेंट कराने का जिम्मा सौंपा गया था,जिसमें 38 खिलाड़ियों से 2019 में आयोजित होने वाले टूर्नामेंट में रजिस्ट्रेशन के नाम पर 100 – 100 रुपये उन्होंने लिया था, उसमें 20 खिलाड़ियों को जिला टीम में शामिल किया गया था तथा बाकि 18 खिलाड़ी जो बाहर हो गए थे, उन्हें एक –एक टी शर्ट गढ़वा जिला फुटबॉल संघ द्वारा दिया गया था,जिसमें संघ के अन्य कोई पदाधिकारियों द्वारा निर्णय नहीं लिया गया था।इससे साफ जाहिर होता है कि चाहे जिला लीग में खिलाड़ियों का रजिस्ट्रेशन कराना हो या अन्य कोई भी टूर्नामेंट कराना हो स्वयं अपने अवैध रूप से लाखों रुपए उगाही किये हैं। जो खुद रुपये उगाही करने रुपये लेने की बात करते हैं, तो उसके बाद मुझे आगे कहने की कोई जरूरत नहीं।जहां तक टूर्नामेंट में टेंट या लाइट का बकाया राशि की बात है तो रुपये तो वे खुद रखे थे, जो भुगतान उनके द्वारा किया जाना था। राशि नहीं दिये जाने का कारण भी वही है, क्योंकि वे उस टूर्नामेंट के खुद सर्वेसर्वा पदाधिकारी थे।फुटबॉल संघ के चेयरमैन जे खान ने कहा कि 2013 एवं 2017 में जिला लीग में खिलाड़ियों रजिस्ट्रेशन के लिए प्राप्त राशि को राज्य फुटबॉल संघ के महासचिव रब्बानी जी के गिरिडीह स्थित आवास पर 5000 रुपये एवं 8000 रुपये संघ के एक पदाधिकारी की मौजिदिगी में खिलाड़ियों के रजिस्ट्रेशन के लिए दिया गया था।जे खान ने कहा कि जिसका खेल से कोई लेना देना नहीं,वह उभरते हुए खिलाड़ियों की प्रतिभा दबाने की कोशिश करेगा ही।अवैध उगाही की दुकान बंद होता देख आलोक मिश्रा बौखलाहट में अनाप शनाप बयान दे रहे हैं।जिले में आयोजित अन्य टूर्नामेंट का गढ़वा जिला फुटबॉल संघ का कोई लेना देना नहीं था, इसलिए इन सब बेतुका बातों पर मैं बोलना उचित नहीं समझता। पूर्व अध्यक्ष द्वारा मेरे चम्पत हो जाने की बात पर मैं कहना चाहता हूँ कि स्पोर्टमैंन कभी मैदान नहीं छोड़ता और मैं मैदान में मौजूद हूँ।






