दर्शक हुए भाव विभोर भरत मिलाप के साथ श्री रामलीला का हुआ समापन

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – इब्राहिम खान

दुद्धी – सोनभद्र

स्थानीय तहसील प्रांगण में सोमवार की रात रामलीला मंच पर भरत मिलाप का मंचन किया गया। शनिवार को देर शाम श्री राम रथ निकल कस्बे के तहसील मार्ग, रामनगर, माँ काली मंदिर से होकर श्री संकट मोचन मंदिर पहुँचा। श्रीराम सीता लक्ष्मण का रथ पहुँचते ही जय श्री राम के जयकारों से नगर झूम उठा। अयोध्या पहुंचे राम को देखकर उनके भाई भरत उनसे गले मिलकर रोने लगे। श्रीराम द्वारा पीठों को सहलाते हुए चुप कराने के बाद भरत ने उन्हें राज सिंहासन पर बैठाया। उन्होंने धूल मिट्टी से सनी प्रभु श्रीराम के पांव गंगाजल से पखारते रहे और 14 वर्ष का वियोग सोचकर रोते रहे। भाई के आगाध प्रेम देख श्रीराम की आंखे द्रवित हो गई। इसके बाद भगवान श्रीराम का भव्य राज्याभिषेक किया गया और उन्हें अयोध्या की राजगद्दी सौंपी गई। भगवान राम को राजा के रूप में पाकर अयोध्यावासी फूले नहीं समा रहे थे। चारो तरफ राम के जयकारे लग रहे थे। भरत के भाई के प्रति प्रेम और श्रीराम को अयोध्या के राजा के रूप में देखकर दर्शक भावविभोर हो गए। अयोध्या का राजमहल का राजदरबार 14 वर्ष के सूनेपन के बाद परिपूर्ण लग रहा था। इससे पूर्व विजय जुलूस बड़े ही धूमधाम से निकाला गया। तहसील परिसर से रथ पर निकला भगवान का विजय जुलूस नगर में भ्रमण किया। इस दौरान प्रभु श्रीराम की झांकी भी निकली। लोगों ने पुष्प वर्षा की। प्रभु राम व मां सीता का आशीर्वाद लिया। विजय जुलूस के दौरान श्री रामलीला कमेटी अध्यक्ष रविंद्र जायसवाल, महामंत्री आलोक अग्रहरी, दिनेश अग्रहरि एडवोकेट, दिनेश आढ़ती, सुरेंद्र अग्रहरि, भोला आढ़ती, चंद्रिका आढ़ती, राजेन्द्र श्रीवास्तव, अनिल गुप्ता, दिनेश अग्रहरि, नंदलाल अग्रहरि, प्रेम चंद यादव देवेश मोहन, रामपाल जौहरी, विष्णुकांत तिवारी, सन्दीप गुप्ता, रवि जायसवाल, मोती अग्रहरि, राकेश श्रीवास्तव, कमलेश कमल, मनीष जयसवाल छोटे लाल गुप्ता पीयूष अग्रहरि, कल्याण मिश्रा, अनुरोध भोजवाल, अरुणोदय जौहरी आदि मौजूद रहे।
वही दूसरी तरफ प्रभारी निरीक्षक राघवेंद्र सिंह मय फोर्स के साथ
एस एस आई बालेंद्र यायव दूधनाथ इमाममुल हक
अपने कोतवाली टीम के साथ मोजूद रहे।

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