मांगने गई थी न्याय, पुलिस कर रही बदनाम!

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – विवेक पाण्डेय
रेनुकूट/सोनभद्र

महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों में न्याय प्रक्रिया को सहज बनाने और महिलाओं के सम्मान एवं सुरक्षा को यथा सम्भव बनाए रखने को लेकर कानून भी सख्त हिदायत देता है लेकिन पिपरी पुलिस ने न्याय मांगने गई पीड़िता को पहले तो भगा दिया और जब उसने न्यायालय में गुहार लगाई तो पुलिस पीड़िता को बदनाम करने की साजिश रच कर उसे प्रताड़ित कर रही है।
गौरतलब है मुर्धवा खाड़ पाथर निवासी एक पीड़ित महिला ने एक अशोक सिंह व एक अज्ञात नाम के व्यक्ति पर यौन शोषण करने,धमकी देने, गलीगलौच व जाति सूचक शब्दो का प्रयोग एंव जान से मारने जैसे संगीन आरोप लगाते हुए न्याय के लिये माननीय न्यायालय में गुहार लगाई थी, जिसका संज्ञान लेते हुए न्यायालय विशेष न्यायाधीश, एस0सी0/एस0टी0 एक्ट, सोनभद्र पीठासीन खलीकुज्ज्मा, एच.जे.एस. (यू0पी05930) दाण्डिक प्रकीर्ण वाद संख्या-131/21 सुनीता (बदला हुआ नाम) बनाम अशोक सिंग वगै0 थाना- पिपरी धारा-156(3) दण्ड प्रक्रिया सहिता जनपद सोनभद्र ने कहा कि प्रार्थिनी का प्रार्थना पत्र अंतर्गत धारा 156(3) दण्ड प्रक्रिया सहित थाना-पिपरी, जिला सोनभद्र स्वीकार किया जाता है। तदनुसार थानाध्यक्ष पिपरी, सोनभद्र को यह निर्देशित किया जाता है कि प्रयोज्य अधिनियम के अन्तर्गत उपयुक्त धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत कर दो दिवस के अन्दर न्यायालय को अवगत करायें। उपस्थित होकर प्रस्तुत करें। लेकिन पीड़िता के अनुसार पिपरी पुलिस उसे लगातार परेशान कर रही है और उस पर मुकदमा वापस लेने का दबाव तो बना ही रही है साथ ही उसके नाते रिश्तेदारों को फोन करके उसे बदनाम करने की साजिश भी रच रही है। महिला ने आरोप लगाया है कि उप पुलिस अधीक्षक पिपरी (क्षेत्राधिकारी) के कार्यालय से कोई खुद को मुंशी बताकर नंबर बदल बदल कर फोन करके उसके रिश्तेदारों को घटनाक्रम सुनाकर उसकी इज्जत उछाल रहा है ताकि परेशान हो कर वो केस वापस ले ले। महिला ने बताया कि पुलिस की इस प्रताड़ना से वह तंग आ चुकी है, और कोई भी अप्रिय कदम उठा सकती है। महिला के द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों से पिपरी पुलिस अपनी कार्यवाही को लेकर सवालों के घेरे में है। सवाल उठने लगे हैं कि पुलिस आरोपी को हिरासत में लेने में नाकाम तो रही ही है साथ ही महिला को प्रताड़ित कर कौन सी संवैधानिक कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रही है? कहीं पुलिस आरोपी को बचाने की कोशिश में तो लिप्त नहीं है? ऐसे में पुलिस अधीक्षक सोनभद्र से पीड़ित महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कर आवश्यक कार्यवाही की मांग जोर पकड़ने लगी है।

Leave a Comment