तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – प्रदीप दुबे
गाजीपुर। आरटीआई में स्थित अस्थाई गो-आश्रय स्थल पर गोपाष्टी पर्व का आयोजन किया गया। पूर्व भाजपा उपाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा गो पूजन कर गायों को माला पहनाकर गुड़, केला खिलाया गया। इस मौके पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एसके रावत ने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गाय के शरीर में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास है। उसी वजह से लोग गाय को पूजते है।
उन्होंने कहा कि गाय का दूध बच्चों एवं बूढ़ों के लिए अमृत के समान होता है। क्योंकि गाय का दूध भैंस के दूध की तुलना में कम कोलेस्ट्राल और अधिक सुपाच्य होता है तथा इसमें विटामिन ए की मात्रा अधिक होती है, जिसमें विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है। उन्होंने कहा को गो पूजा को लेकर यह भी कहा जाता है कि इस दिन से ही भगवान कृष्ण ने पहली बार गायों को चराना शुरु किया था। मान्यता है कि इस दिन गाय और उसके बछड़े की पूजा करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है। डा. रावत ने बताया कि आज जनपद के सभी 26 गो-आश्रय स्थलों पर गोपाष्टी का पर्व मनाया जा रहा है। भाजपा पूर्व उपाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गायों को संरक्षित कर उनका ठीक ढंग से भरण-पोषण किया जा रहा है, जो कि हमारे लिए गर्व की बात है। गाय का हमारे जीवन में आदिकाल से महत्व रहा है। गाय हमारी संस्कृति धरोहर है।






