ज्वलन्त समस्याओं को लेकर अनपरा तापीय परियोजना के गेट पर संघर्ष समिति द्वारा विरोध सभा कर रोष व्यक्त किया

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – विष्णु गुप्ता

अनपरा/सोनभद्र

ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबंधन के स्वेच्छाचारी दमनात्मक रवैय्ये के बिरोध में एवं ज्वलन्त समस्याओं के समाधान हेतु अनपरा तापीय परियोजना के गेट पर संघर्ष समिति के सभी श्रम संघों के द्वारा एक घंटे का गेट मीटिंग कर विरोध सभा कर रोष व्याप्त किया गया साथ ही उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम में इकाईयों/मण्डल/खण्ड का सृजन/विलोपन/नाम परिवर्तन किये जाने के उपरान्त तद्नुसार तैनाती किये जाने तथा अग्रेतर पदों की कटौती न किये जाने विषयक प्रबंध निदेशक उत्पादन निगम को संबोधित पत्रक को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति से जुड़े विभिन्न ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारियों ने मुख्य महाप्रबंधक अनपरा तापीय परियोजना को सौंपा। परियोजना गेट पर भारी संख्या में एकत्रित विद्युत कार्मिकों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि
उत्पादन निगम के निदेशक मण्डल की दिनांक 14.09.2016 को सम्पन्न 169वीं बैठक में उत्पादन निगम लि0 की कार्यशील, निर्माणाधीन तथा प्रक्रियाधीन परियोजनाओं तथा मुख्यालय के लिए आधारभूत संगठनात्मक ढाँचा अनुमोदित हुआ था। उक्त अनुमोदन के अनुक्रम में निगम के विभिन्न तापीय परियोजनाओं पर मण्डल/खण्ड आदि का नामकरण, सृजन/विलोपन एवं उनमें तैनाती की जानी चाहिए थी। इसी तरह उत्पादन निगम मुख्यालय की इकाईयों का भी पुनर्गठन किया जाना था परन्तु परियोजनाओं और निगम मुख्यालय पर उक्त कार्यालय ज्ञाप के अनुसार पुनर्गठन कर तैनाती अभी तक नहीं की गयी है; जबकि उक्त कार्यालय ज्ञाप के निर्गत हुए लगभग 06 वर्ष से अधिक का समय व्यतीत हो चुका है। कार्यालय ज्ञाप का पूर्ण अनुपालन न होने से निदेशक मण्डल का निर्णय ही औचित्यहीन हो गया है। निदेशक मण्डल द्वारा अनुमोदित संगठनात्मक ढांचे के अनुसार इकाईयों/मण्डल/खण्ड का सृजन न किया जाना घोर लापरवाही प्रदर्शित करता है।कहा कि अनपरा तापीय परियोजना में स्वीकृत पदो के सापेक्ष सहायक अभियन्ता (विद्युत/यांत्रिक) के लगभग 30 पद, अवर अभियन्ता (विद्युत/यांत्रिक) के लगभग 42 पद, मुख्य अभियन्ता (स्तर-द्वितीय, जानपद) के 01 पद, अधिशासी अभियन्ता (जानपद) के 06 पद, सहायक अभियन्ता जानपद) के 07 पद, अवर अभियन्ता (जानपद) के 11 पद, लिपिकीय संवर्ग के लगभग 34, लेखा संवर्ग के 31 पद, रसायनज्ञ संवर्ग के लगभग 14 पद, परिचालकीय संवर्ग के लगभग 300 पद एवं चतुर्थ श्रेणी के भी काफी पद रिक्त पड़े हैं। इन पदों के सापेक्ष पुनर्गठन के तहत अनुमोदित मानव संसाधन की तैनाती की जानी थी, जो कि अभीं तक नहीं किया गया, जिससे समस्त ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों में काफी रोष व्याप्त है।उपरोक्तानुसार रिक्त पदों पर भर्ती/तैनाती किये जाने के प्रतिकूल यह संज्ञान में आया है कि प्रबन्धन द्वारा निगम में स्वीकृत पदों की समीक्षा हेतु समिति का गठन किया गया है; साथ ही यह भी ज्ञात हुआ है कि परियोजनाओं पर विभिन्न संवर्गों (मुख्य अभियन्ता से लेकर चतुर्थ श्रेणी तक) के पदों को कम करने पर विचार किया जा रहा है जो कि निगम हित में नहीं है। परियोजनाओं पर वर्तमान स्थिति में भी आवश्यकता के सापेक्ष स्वीकृत पदों की कमी है। विगत समय में भी काफी स्वीकृत पदों को समाप्त किया जा चुका है। जहां एक ओर नवनिर्माणाधीन परियोजनाओं एवं मुख्यालय पर बढ़े हुए कार्यों के विरूद्ध नये पदों के सृजन की आवश्यकता है वहीं निगम में मुख्य अभियन्ता, अधीक्षण अभियन्ता, अधिशासी अभियन्ता, सहायक अभियन्ता, अवर अभियन्ता, लिपिकीय संवर्ग, लेखा संवर्ग, रसायनज्ञ संवर्ग, परिचालकीय संवर्ग, श्रमिक/चपरासी आदि पदों को कम किये जाने की तैयारी की जा रही है जो कि औचित्यहीन है जबकि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती एवं नये पदों का सृजन प्राथमिकता पर किया जाना चाहिए था। उन्होंने मांग किया कि
1- निर्मित/नवनिर्मित/निर्माणाधीन परियोजनाओं हेतु वर्तमान आवश्यकता के दृष्टिगत अस्थाई तौर पर स्वीकृत पदों को स्थाई तौर पर स्वीकृत किया जाये। मुख्यालय हेतु अनुमोदित संगठनात्मक ढांचे के अनुरूप पदों को शासन से यथाशीघ्र स्वीकृत कराया जाये।
निदेशक मण्डल द्वारा अनुमोदित संगठनात्मक ढांचे के अन्तर्गत मुख्यालय एवं परियोजना पर मण्डल व खण्डों हेतु सृजित पदों के सापेक्ष समस्त रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती/नियुक्ति की कार्यवाही की जाये।
तथा परियोजनाओं पर पदों की कमी न की जाये तथा निगम मुख्यालय के कार्यालय ज्ञाप संख्याः 214/उनिलि/ रिफार्म/संगठनात्मक ढ़ाँचा/अनपरा/2022 दिनांक 03.11.2022 को निरस्त किया जाय।विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से रोहित राय अदालत वर्मा सत्यम यादव सचिन राज यादव, विशम्भर सिंह, अभिषेक सिंह सुमन झा श्याम बिहारी सिंह योगेंद्र मिश्रा राजकुमार सिंह राजीव यादव कालिका प्रसाद प्रजापति रामकिशन समेत सैकड़ों सदस्य उपस्थित रहे।

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