तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – रामगढ़(दुमका)
प्रदीप चंद्रवंशी
ओडिसा के बालासोर में हुए भीषण रेल हादसे में रामगढ़ प्रखंड के कांजो पंचायत अन्तर्गत डुमरजोर के लापता चार युवकों में से एक युवक घनश्याम कुंअर के शव की पहचान के बाद उसका शव गुरूवार की दोपहर बाद डुमरजोर पहुंचा। शव के गांव में पहुंचते ही परिजनों एवं पड़ोसियों के चित्कार से माहौल गमगीन हो गया। घनश्याम अपने माता-पिता की एकमात्र संतान था। लगभग बीस वर्षीय घनश्याम गांव के तीन अन्य युवकों के साथ रोजगार की तलाश में विगत एक जून को चेन्नई जाने के लिये घर से निकला था। शालीमार स्टेशन से सभी लोग चेन्नई जाने के लिये शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हुए थे। रेल दुर्घटना की खबर मिलने के बाद डुमरजोर के लोग चारों युवकों की तलाश में ओडिसा पहुंचे थे। किंतु,अपने परिजनों का पता नहीं चलने पर वहां से निराश लौट गए थे। बाद में ओडिसा प्रशासन द्वारा मृतकों की फोटो इंटरनेट पर जारी करने के बाद घनश्याम के शव की फोटो से उसके परिजनों तथा ग्रामीणों ने उसकी पहचान की थी। इसके बाद मंगलवार को रामगढ़ प्रखंड प्रशासन ने कांजो के पंचायत सचिव बिनोद कुमार राम को दंडाधिकारी प्रतिनियुक्त करते हुए डुमरजोर के लापता युवकों के परिजनों के साथ ओडिसा भेजा था। उस समय डुमर जोर के दो युवकों के शव की पहचान होने की बात कही जा रही थी। लेकिन भुवनेश्वर पहुंचने पर पता चला कि वहां केवल घनश्याम का ही शव है।जिस दूसरे शव को डुमरजोर के अन्य युवक का होने की संभावना प्रगट की गई थी उस शव की पहचान एकचारी, भागलपुर,बिहार के किसी व्यक्ति के शव के रूप में हो चुकी थी तथा रामगढ़ की टीम के भुवनेश्वर पहुंचने के पूर्व ही उक्त शव को उसके परिजन लेकर जा चुके थे। शव के डुमरजोर पहुंचने के कुछ देर बाद ही शव को श्मशान ले जाया गया। श्मशान में घनश्याम के पिता नागेश्वर कुंअर ने मुखाग्नि दी।






